स्कूल जाने वाली एक लड़की ने करीब 55 साल पहले भविष्य पर एक निबंध लिखा था. ऐसा दावा है कि इसमें लिखी कुछ बातें आज के वक्त में सच हो गई हैं. तब वो लड़की 11 साल की थी. उसने वीडियो कॉलिंग को लेकर भी लिखा. जो कोरोना वायरस महामारी के बाद से लोगों की पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगियों का हिस्सा बन गई है. उसने ये भी कहा कि लोगों को खाने में मिलने वाले पोषक तत्वों वाली चुइंग गम मिलेंगी. ऐसी चीज कुछ जगह मिलती भी हैं. उसने भविष्य में लोगों की जिंदगी और टेक्नोलॉजी पर लिखा था.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि उसने 1969 में अपने निबंध में लिखा था कि साल 1980 कैसा होगा. लेकिन उसमें लिखी बातें, 1980 में न सही लेकिन आज के वक्त में सच हो गई हैं. उसका ये निबंध इंग्लैंड के रहने वाले पीटर बेकर्टन नामक शख्स को मिला. वो अपने क्लाइंट का पुराना सोफा फर्निश करने गए थे. उन्होंने इसे अपनी पत्नी रोजा बेकर्टन को भी दिखाया. निबंध पर 23 फरवरी, 1969 की तारीख लिखी थी. वो लिखती है कि भविष्य में जब वो बड़ी हो जाएगी तब उसका पति दफ्तर से काम करके घर लौटेगा. वो कहेगा कि उसे अपने दोस्त को टेलीफोन कॉल करना है.
1969 में टेलीफोन चॉकोर आकार के बॉक्स जैसा था. जिसके ऊपर रिसीवर हुआ करता था. वो निबंध में लिखती है, 'लेकिन अभी इसमें केवल रिसीवर है. लेकिन आप उन लोगों को देख भी पाएंगे, जिनसे आप बात कर रहे हैं, क्योंकि एक स्क्रीन होगी, जहां आप लोगों को देख सकते हैं. ये कुछ-कुछ टेलीविजन जैसा है.' रोजा ने पति से मिले इस निबंध के बारे में लोगों को बताने का विचार किया. इस उम्मीद में कि इसे लिखने वाली लड़की तक ये पहुंच जाए, तो इस वक्त करीब 66 साल की होगी.
रोजा कहती हैं, 'जब मेरे पति ने मुझे बताया तो मुझे इस पर विश्वास नहीं हुआ. ये काफी दिलचस्प है. क्योंकि अगर इसे आज देखें तो लगता है कि इसमें लिखी कई बातें सच हो गई हैं. लेकिन वो बचपना था, उसे लगा कि ऐसा अगले 10 साल में हो जाएगा. मेरे पति को पहले भी सोफे और फर्निचर के नीचे कूड़ा कचरा मिल चुका है. लेकिन इससे ज्यादा दिलचस्प चीज कभी नहीं मिली.'
(Disclaimer: ये खबर मीडिया रिपोर्ट्स के दावे पर बनाई गई है. aajtak.in इनके दावे की पुष्टि नहीं करता है.)