धुरंधर सीरीज की कामयाबी किसी से छिपी नहीं है. इस फिल्म के गाने, किरदार और डायलॉग्स सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं. लेकिन आज बात कश्मीर के रसिक अहमद मीर की, जिसके एक गाने ने उसे इंटरनेट का 'धुरंधर' बना दिया. उसकी रील को मिली कामयाबी भी किसी ब्लॉकबस्टर सफलता से कम नहीं है.
कश्मीर के दूरदराज गांव से निकली एक आवाज इन दिनों सोशल मीडिया पर करोड़ों दिल जीत रही है. रसिक अहमद मीर नाम का 15 साल का लड़का, जो बारामूला के हाचेपोरा गांव का रहने वाला है, अपनी सुरीली आवाज से इंस्टाग्राम पर ऐसा छाया कि उसके बॉलीवुड कवर सॉन्ग को 5 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.
उत्तरी कश्मीर के रफियाबाद इलाके के हाचेपोरा गांव के रहने वाले 15 वर्षीय रसिक अहमद मीर 9वीं कक्षा के छात्र हैं. उनके लिए यह कोई स्टूडियो परफॉर्मेंस या रियलिटी शो नहीं था, बल्कि एक स्मार्टफोन पर की गई छोटी-सी रिकॉर्डिंग थी. यह उनकी 51वीं कोशिश थी और उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि ‘धुरंधर रिवेंज’ के गाने 'जाइये सजना' से वह रातों-रात इंटरनेट स्टार बन जाएंगे. 'जाइये सजना' को जैस्मीन सैंडलस और सतिंदर सरताज ने अपनी आवाज दी है.
यह भी पढ़ें: जब रिटायर्ड टीचर ने गाया 'धुरंधर' का ये गाना, वीडियो बार-बार देखने लगे लोग
देखिए, रसिक का गाया वो गाना जिसने इंटरनेट पर आग लगा दी.
अपनी रील के वायरल होने पर रसिक कहते हैं कि मुझे बचपन से गाने का शौक रहा है. मेरे भाई ने मेरा इंस्टाग्राम पेज बनाया था. मैं उस पर लगातार गाने अपलोड करता रहता था. मैंने ‘धुरंधर 2’ का यह गाना गाया और उसे 50 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल गए.
रसिक बताते हैं कि शुरुआत में उनके पिता उन्हें गाने बनाने से मना करते थे. वह कहते थे कि ये क्या कर रहे हो? लेकिन जब उन्हें पता चला कि बेटे की रील इतनी ज्यादा वायरल हो गई है, तो उन्होंने भी पूरा समर्थन देना शुरू कर दिया.
रसिक का कहना है कि उनके इलाके में म्यूजिक सीखने की कोई खास सुविधा नहीं है, जबकि वहां कई बच्चे संगीत सीखना चाहते हैं. वह चाहते हैं कि सरकार जम्मू-कश्मीर में भी म्यूजिक स्कूल खोले, ताकि गांवों के बच्चों को मौका मिल सके. रसिक का सपना है कि वह एक दिन इंडियन आइडल में जाएं और उसका खिताब जीतें.
लेकिन इंटरनेट पर चमकती इस सफलता के पीछे एक बेहद भावुक सच भी छिपा है. लाखों लोगों तक अपनी आवाज पहुंचाने वाला रसिक आज भी एक साधारण स्मार्टफोन पर गाने रिकॉर्ड करता है. उसके पास न प्रोफेशनल हेडफोन हैं, न गिटार और न ही कोई छोटा-सा होम स्टूडियो, जो उसके टैलेंट को और निखार सके.
रसिक की कहानी सिर्फ एक वायरल सिंगर की कहानी नहीं, बल्कि कश्मीर के उन अनगिनत छिपे टैलेंट्स की तस्वीर है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद अपने जुनून के दम पर दुनिया तक पहुंच रहे हैं. छोटे से गांव में बैठा यह लड़का साबित कर रहा है कि सपनों की उड़ान के लिए बड़े शहर या बड़े संसाधन नहीं, बल्कि बड़ा हौसला चाहिए.