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तूने किया ही क्या है... 4 घंटे इंतजार के बाद मिला ऐसा जवाब, स्टार्टअप इंटरव्यू की कहानी वायरल

पुणे के एक स्टार्टअप में इंटरव्यू देने गए एक उम्मीदवार ने अपना खराब अनुभव Reddit पर शेयर किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कैंडिडेट का दावा है कि उसे इंटरव्यू के लिए 4 घंटे तक इंतजार कराया गया.

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फाउंडर ने कहा कि युवाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए. ( Photo: Pexels)
फाउंडर ने कहा कि युवाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए. ( Photo: Pexels)

Pune के एक स्टार्टअप में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गए एक कैंडिडेट ने अपना बुरा अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किया. उसकी पोस्ट इंटरनेट तेजी से वायरल हो गई. कैंडिडेट ने बताया कि उसे सुबह 9:30 बजे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब वह ऑफिस पहुंचा तो ऑफिस ही बंद था. बाद में उसे अंदर जाने दिया गया, लेकिन फाउंडर के आने के लिए उसे करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा.

इंटरव्यू में एक्सपीरियंस को किया गया इग्नोर
कैंडिडेट के मुताबिक जब फाउंडर आए, तो उन्होंने उसके अनुभव और रिज्यूमे को महत्व नहीं दिया. उन्होंने कथित तौर पर कहा-“तूने किया ही क्या है?” कैंडिडेट का कहना है कि उनके काम और पद को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया.

सैलरी पूछने पर मिला अजीब जवाब
जब कैंडिडेट ने नौकरी के समय के बारे में पूछा, तो उसे बताया गया कि काम के घंटे सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक होंगे. यानी लगभग 16 घंटे की शिफ्ट. जब उम्मीदवार ने वेतन के बारे में पूछा, तो फाउंडर ने कहा- “क्या तुम सिर्फ पैसे के लिए काम करोगे?” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी सोच वाले लोग नहीं चाहिए जो सिर्फ पैसे के बारे में सोचते हों.

खुद 14 घंटे काम करते हैं फाउंडर
उम्मीदवार के अनुसार संस्थापक ने यह भी बताया कि वे खुद हर दिन 14 घंटे से ज्यादा काम करते हैं और कभी शिकायत नहीं करते. उन्होंने कहा कि युवाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए, इससे वे मजबूत बनते हैं.

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सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी. कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह के स्टार्टअप में कर्मचारियों से बहुत ज्यादा काम कराया जाता है लेकिन वेतन और काम का माहौल अच्छा नहीं होता. एक यूजर ने लिखा कि उसने भी अपने करियर में ऐसी जगहों पर काम किया है, लेकिन कुछ ही दिनों में नौकरी छोड़ दी थी.  यह मामला स्टार्टअप की उस कार्य संस्कृति पर सवाल उठाता है, जहां कर्मचारियों से बहुत ज्यादा काम की उम्मीद की जाती है, लेकिन वेतन और सम्मान को महत्व नहीं दिया जाता.

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