16 मई 2014. मोदी लहर ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी. राजीव गांधी सरकार के बाद पहली बार केंद्र में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ. 26 मई 2014. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पीएम मोदी का हुआ शपथ ग्रहण समारोह भी ऐतिहासिक रहा था. सार्क देशों के प्रतिनिधियों के अलावा कई गणमान्य लोग इसके साक्षी बने थे.
मोदी सरकार के एक साल होने के उपलक्ष्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले एक साल में बहुत सारी अच्छी चीजें हुई हैं. इनमें प्रधानमंत्री पद की विश्वसनीयता का बहाल होना सबसे अहम है. इस दौरान हमने निराशा के माहौल को भी खत्म किया है.
अरुण जेटली ने कहा, 'मंत्रालयों में लॉबिंग का काई स्थान नहीं रहा है. राज्यों के साथ केंद्र का माहौल सुधरा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि सुधरी है. नीतिगत फैसले लेने में तेजी आई है. विदेश नीति के मोर्चे पर भारत ज्यादा मुखर हुआ है. पड़ोसियों के साथ रिश्ते सुधरे हैं.'
अधिकारिक तौर पर होने में महज तीन दिन ही बाकी हैं. सरकार इसे ग्रैंड बनाने की तैयारी में है. देश की जनता से पांच साल मांगने और 'अच्छे दिन' वापस लाने के अपने वादे का एक साल हो चुका है. जनता की अपनी अपेक्षाएं हैं. कुछ संतुष्ट हैं तो कुछ को खामियां दिखनी शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में बनाए रखने के लिए पहली सालगिरह को खास बनाना चाहती है.
मोदी सरकार की पहली सालगिरह की शुरुआत वित्तमंत्री अरुण जेटली ने की. शनिवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार के कामकाज का बखान किया. सदस्यता अभियान के जरिये दुनिया की बन चुकी बीजेपी अपने 10 करोड़ सदस्यों को सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी भेजेगी.
जश्न के रूप में सालगिरह मनाने का सबसे बड़ा आकर्षण मथुरा की रैली होगी. 25 मई को पीएम मोदी स्वयं इस रैली में शामिल होंगे. इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं. उन्हें अपने-अपने राज्यों के बड़े शहरों में कम से कम तीन कार्यक्रम करने को कहा गया है.
गौरतलब यह है कि एक ओर जहां मोदी सरकार अपनी पहली सालगिरह को जनकल्याण दिवस के रूप में जनता के सामने पेश करेगी, वहीं है. LG मुद्दे पर केंद्र से दो-दो हाथ करने के मूड में आ चुकी आम आदमी पार्टी भी 25 मई को ही अपने 100 दिन पूरे होने का जश्न दिल्ली के कनॉट प्लेस में मनाने वाली है. यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी जनता में अपना विश्वास कायम रख पाती है.