अली खामेनेई के बेटे ने मोजतबा ने ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभालते ही अपने तेवर दिखा दिए. सत्ता में आने के बाद पहला हमला इजरायल पर किया. ईरान के नए सर्वोच्च नेता ने इजरायल को निशाना बनाकर दागी जाने वाली मिसाइल पर एक संदेश लिखकर उस पर अपने हस्ताक्षर किए हैं.
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद ही मोजतबा खामेनेई ने अपना पहला हमला इजरायल पर किया. 56 साल के मोजतबा को रविवार को ईरान के इस्लामी गणराज्य का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया.
मोजतबा ने मिसाइल पर क्या लिखा
पावर में आने के बाद अपने पहले कदमों में से एक में उसने एक मिसाइल की तस्वीर जारी की जिस पर एक संदेश लिखकर अपना सिग्नेचर किया. मिसाइल पर लिखा था - आपकी सेवा में सैय्यद मोजतबा. यह पोस्ट सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के टेलीग्राम चैनल पर किया गया था. ऐसा करके नए सुप्रीम लीडर ने इजरायल और अमेरिका को अपनी मंशा जता दी है. मिसाइल पर मोजतबा के सिग्नेचर वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.
अली खामेनेई की मौत के बाद मिली गद्दी
मोजतबा की नियुक्ति उनके पिता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद हुई है. जिनकी 11 दिन पहले 28 फरवरी को एक इजरायली हवाई हमले में हत्या कर दी गई थी. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर और राजनीतिक परिषद, विशेषज्ञों की सभा ने नए नेता के प्रति निष्ठा की शपथ ली है.
ट्रंप ने पहले ही मोजतबा को अस्वीकार्य कर दिया था. वहीं इजरायल ने यह भी धमकी दी थी कि जिसे भी चुना जाएगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. इजरायल ने हाल ही में ईरान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं, उसके तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है और राजधानी को घने काले धुएं से ढक दिया है. ऐसे में मिसाइल पर सिग्नेचर कर ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने इजरायल को एक तरह से उसकी धमकी का जवाब दिया है.
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मोजतबा को सर्वोच्च नेता चुनना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सीधी अवहेलना है, जिन्होंने जोर देकर कहा था कि संकटग्रस्त देश के अगले नेता के चयन में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए. अब मोजतबा ने इजरायल पर दागी जानी वाली मिसाइल पर अपने सिग्नेचर करके स्पष्ट कर दिया है कि आगे वह क्या चाहते हैं.
ईरान की जटिल धर्मतांत्रिक प्रणाली के तहत, सर्वोच्च नेता ही अंतिम प्राधिकारी होता है जो विदेश नीति पर शासन करता है. देश के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करता है और निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद को गाइड करता है.