अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई एक संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमले में मारे गए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि “खामेनेई मर चुके हैं.”रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने खामनेई के दफ्तर पर हमला किया. ईरानी मीडिया ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है। एक टीवी प्रेजेंटर ने रोते हुए यह खबर सुनाई और बताया कि देश में 40 दिनों का शोक मनाया जाएगा.
आधिकारिक अकाउंट से धार्मिक संदेश पोस्ट
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का ऐलान कर दिया है. उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है. उनकी मौत के बाद पूरे ईरान में मातम का माहौल है. लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर उन्हें याद कर रहे हैं और रो रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. ईरान की मीडिया में भी शोक और गम का माहौल बना हुआ है. इसी बीच उनकी मौत के बाद, खामेनेई के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से फारसी में एक संदेश पोस्ट किया गया- “Be nām-e nāmi-ye Heydar, alayhis-salām”. जिसका अर्थ है — “हैदर (उन पर शांति हो) के पवित्र नाम से'. ‘हैदर’ शिया इस्लाम के पहले इमाम हज़रत अली का एक नाम है.

प्रेस टीवी ने काला किया लोगो, बताया ‘शहादत’
खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे. उन्होंने Ruhollah Khomeini के बाद यह पद संभाला था और लगभग चार दशकों तक देश की राजनीति, न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर मजबूत पकड़ बनाए रखी. ईरान की प्रेस टीवी ने शोक में अपना लोगो काले रंग का कर दिया हैं.'ईरान के सरकारी चैनल Press TV ने अपने सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर शोक जताते हुए अपना लोगो काले रंग का कर दिया. चैनल ने कहा कि “इज़रायल और अमेरिका के कायराना हमले में इस्लामिक क्रांति के नेता शहीद हो गए.”
खामेनेई की मौत के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि ईरान ने एक महान नेता खो दिया है। बयान में कहा गया कि वे घमंडी ताकतों के खिलाफ बहादुरी से खड़े रहने वाले नेता थे. आईआरजीसी ने इसे “महान नेता की शहादत” बताया और कहा कि अमेरिका और इजरायल को इसकी सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह हमला धार्मिक, नैतिक और कानूनी नियमों का उल्लंघन है और ईरान बदला जरूर लेगा. वहीं, ईरान की न्यूज एजेंसी Tasnim News Agency ने भी लिखा कि अमेरिका और इजरायल के हमले में खामेनेई शहीद हो गए. एजेंसी के अनुसार, उन्होंने 1989 में इमाम खुमैनी के निधन के बाद से करीब 37 साल तक ईरान का नेतृत्व किया.