आज भारत में एक से बढ़कर एक प्रीमियम ट्रेनें चलने लगी है. इसमें आम ट्रेनों के मुकाबले काफी सुविधाएं और लग्जरी होती है. फिर भी इन प्रीमियम ट्रेनों में टीवी, सोफा, फ्रीज, कूलर, गीजर और पर्सनल बेड जैसी सुविधाएं नहीं मिलती. लेकिन, भारत में ही ऐसी ट्रेनें भी हैं, जिनमें ये सब चीजें होती हैं. एक तरह से इस तरह की ट्रेन एक चलता- फिरता हर ऐशो आराम से लैस घर ही होता है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर इस तरह की ट्रेन भारत में कहां चलती है और कौन लोग इसका सफर कर सकते हैं.
सोफा, बेड, कूलर, एसी, फ्रीज जैसी तमाम सुविधाओं से लैस ऐसी ट्रेनों की तस्वीर या वीडियो कई बार सोशल मीडिया पर वायरल भी होती रहती है. ये वीडियो या तस्वीर एआई जेनरेटेड नहीं हैं. सचमुच में भारत में ऐसी ट्रेने चलती हैं. लोग इसमें आराम से सोकर सफर करते हैं और अपने पसंद का खाना भी बना सकते हैं. इन ट्रेनों में ठंडे और गर्म पानी की सहूलियत भी होती है. यानी गीजर भी लगा होता है.
दरअसल, ये ट्रेन रेलवे कर्मचारियों के लिए खासतौर पर बनाई जाती है. इस ट्रेन का नाम कैंपिंग कोच पर ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ होता है. यानी ट्रेन की पटरियों और लाइनों की मरम्मत करने वाले और उनकी देख- रेख करने वाले रेलवे के कर्मचारियों, इंजीनियरों और टेक्निशियन के लिए ये खास ट्रेन चलती है.
ऐसी ट्रेन में खास कोच लगे होते हैं. जिनमें ट्रैक मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी लंबी- लंबी दूरी तक सफर करते हैं. यह ट्रेन एक तरह से चलता- फिरता घर होता है. इसे स्पेशल सलून भी कहा जाता है. इसमें रेलवे स्टाफ के आराम करने के लिए सोफा, बेड, चेयर लगे होते हैं. इसके अलावा इसमें खाना बनाने के लिए घर की तरह किचन भी होता है. इसमें फ्रीज होते हैं.
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कई कोच में एसी लगे होते हैं, तो कुछ में कूलर और पंखे भी लगा दिए जाते हैं. हर डिब्बे में बर्थ की जगह बेड लगे होते हैं. जिसमें कर्मचारी रात में आराम से सो सकें और दिन में फिर कड़ी मेहनत कर सकें. फ्रेश होने के लिए साफ- सुथरे बाथरूम होते हैं. इनमें गीजर भी लगे होते हैं. ट्रेन में शुद्ध पानी पीने के लिए आरओ लगा होता है.
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कई - कई किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक की मरम्मती और मेंटेनेंस के लिए ऐसी ट्रेनों से रेलवे कर्मचारी सफर करते हैं और दूर- दूर तक जाकर वहां रुककर अपना काम करते रहते हैं. इस विशेष ट्रेन के अंदर एक घर जैसी हर सुविधा होती है. यह एक तरह से चलता- फिरता घर ही होता है.