शादी के बाद पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे और सुरक्षा का माना जाता है. लेकिन सोचिए, अगर वही पति अपनी पत्नी को नशे की दवाएं देकर दूसरे पुरुषों के पास भेजने लगे और उसे उनकी मर्जी के खिलाफ संबंध बनाने के लिए मजबूर करे, तो यह किसी डरावने सपने से कम नहीं होगा. स्वीडन से सामने आए एक मामले में एक महिला ने वर्षों तक ऐसी ही भयावह जिंदगी जी, जहां उसका पति ही उसका सबसे बड़ा उत्पीड़क बन गया था.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीडन की एक अदालत ने 61 साल के व्यक्ति को अपनी पत्नी का यौन शोषण कराने और उसे जबरन दूसरे पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने के मामले में 4 साल 5 महीने की जेल की सजा सुनाई है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी को कम से कम 120 पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था.
ड्रग्स देकर बनाता था शिकार
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरोपी अपनी पत्नी पर पूरी तरह नियंत्रण रखता था. वह उसे नशे की दवाएं देता था, सामाजिक रूप से अलग-थलग रखता था और स्वीडन के क्रामफोर्स इलाके में स्थित एक फार्महाउस में उसे पूरी तरह से सर्विलांस और निगरानी वाले जगह में रहने के लिए मजबूर करता था.
महिला का सामाजिक संपर्क बेहद कम था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी लगातार उस पर दबाव बनाता रहा. अदालत में यह भी बताया गया कि उसने पूरे फार्महाउस में निगरानी कैमरे लगा रखे थे. इन कैमरों के जरिए जब दूसरे लोग उसकी पत्नी के साथ जबरदस्ती करते तो वह इन गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करता था.
जान से मारने की धमकी भी देता था
अदालत में पेश किए गए तथ्यों के मुताबिक, आरोपी सिर्फ दबाव ही नहीं बनाता था, बल्कि महिला को डराता-धमकाता भी था. उसने कई बार पत्नी को पेट्रोल डालकर जला देने और उसकी उंगलियां काट देने जैसी धमकियां दी थीं.
जज के अनुसार, आरोपी लंबे समय तक मानसिक दबाव, अपमानजनक भाषा और लगातार मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना के जरिए महिला को अपनी बात मानने के लिए मजबूर करता रहा.
देशभर से आते थे पुरुष
अभियोजकों ने बताया कि वर्ष 2022 के दौरान स्वीडन के अलग-अलग हिस्सों से पुरुष उस फार्महाउस में पहुंचते थे और महिला के साथ संबंध बनाते थे. इस मामले में मुख्य आरोपी के अलावा 29 अन्य लोगों पर भी इस तरह की गतिविधि में लिप्त रहने और आरोपी का साथ देने के आरोप लगाए गए थे. इनमें से 28 लोगों को दोषी ठहराया गया. दो लोगों को जेल की सजा भी सुनाई गई.
स्वीडिश कानून के अनुसार, वहां जिस्मफरोशी जैसी गतिविधियां संचालित करना और ऐसे जगहों पर जाना अपराध है. वहीं इस काम में शामिल महिलाओं को वहां पीड़ित माना जाता है.
तीन साल बाद पुलिस तक पहुंची बात
महिला की यह दर्दनाक कहानी तब सामने आई जब उसने अक्टूबर 2025 में पुलिस से संपर्क किया.इसके बाद आरोपी पति को हिरासत में लिया गया और तब से वह जेल में बंद था. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी कम से कम 120 पुरुषों के पास अपनी पत्नी को भेजा था.
फ्रांस के चर्चित मामले से हुई तुलना
इस मामले की तुलना फ्रांस के चर्चित मामले से भी की गई, जिसमें एक व्यक्ति पर आरोप था कि उसने अपनी पत्नी को नशीली दवाएं देकर कई वर्षों तक दूसरे पुरुषों के हवाले किया. हालांकि स्वीडन की अदालत ने आरोपी को कुछ रेप और रेप की कोशिश से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया. अदालत का कहना था कि कुछ मामलों में पर्याप्त सबूत नहीं मिले कि महिला की भागीदारी उसकी इच्छा के खिलाफ थी या नहीं.
मामले की सुनवाई करने वाले जज जोहान अहलबर्ग ने कहा कि आरोपी ने अपनी पत्नी को दूसरों के साथ संबंध बनाने, उसके वीडियो को ऑनलाइन प्रसारित करने, अन्य पुरुषों से मिलने और यहां तक कि पड़ोसियों के साथ भी संबंध बनाने के लिए मजबूर किया.जज के मुताबिक, यह सब लगातार दबाव, मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार के जरिए किया गया.
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जेल की सजा के अलावा अदालत ने आरोपी को महिला को 2 लाख स्वीडिश क्रोनर (करीब 21 हजार डॉलर) का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. हालांकि आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि सभी संबंध आपसी सहमति से बने थे. लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी माना और सजा सुनाई.