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Gen Z ही है रील जेनरेशन! Meta ने बताया क्यों वीडियो आ रही पसंद

भारत में वीडियो देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है और इसका असर शहरों के साथ गांवों में भी दिख रहा है. IPSOS की स्टडी के मुताबिक, Reels Gen Z के लिए शॉर्ट-फॉर्म वीडियो का प्रमुख प्लेटफॉर्म बन गया है. ब्यूटी, फैशन, फिटनेस, कॉमेडी और स्पोर्ट्स जैसे कंटेंट की लोकप्रियता के साथ Reels अब प्रोडक्ट डिस्कवरी और शॉपिंग को भी प्रभावित कर रहा है.

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जेन जी के बीच रील्स का क्यों बढ़ा इतना क्रेज?
जेन जी के बीच रील्स का क्यों बढ़ा इतना क्रेज?

आज के टाइम में सोशल मीडिया सिर्फ लोगों से जुड़ने या टाइमपास करने का जरिया नहीं रह गया है. खासकर Gen Z के लिए शॉर्ट वीडियो अब रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. क्या देखना है, क्या ट्रेंड कर रहा है, किस क्रिएटर को फॉलो करना है या कौन-सा प्रोडक्ट खरीदना है-इन फैसलों पर भी वीडियो कंटेंट का असर खूब तेजी से बढ़ रहा है. भारत में ये बदलाव अब शहरों से निकलकर छोटे शहरों और गांवों तक भी पहुंच चुका है.

Meta की ओर से कराए गए IPSOS के नए स्टडी से पता चलता है कि पूरे देश में वीडियो अब कंटेंट देखने का सबसे आम तरीका बन गया है. वहीं, Reels भारत में नई चीजें खोजने, कल्चर से जुड़ने, क्रिएटर्स के कंटेंट को देखने और शॉपिंग से जुड़ने का एक प्रमुख माध्यम बन गया है.

ये बदलाव सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वीडियो देखने के मामले में अर्बन और रूरल इलाकों के बीच का अंतर लगभग खत्म हो गया है. शहरों में 98% और ग्रामीण इलाकों में 94% लोग रोजाना वीडियो देखते हैं. यानी वीडियो-फर्स्ट कल्चर को बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहर और गांव भी तेजी से अपना रहे हैं.

Gen Z के लिए Reels शॉर्ट-फॉर्म वीडियो का एक प्रमुख और पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन गया है. 89% Gen Z रोजाना Reels पर अलग-अलग तरह के कंटेंट, कल्चर और क्रिएटर्स को देखते और खोजते हैं. भारत में ब्यूटी और मेकअप (52%), फैशन और ट्रेंड्स (52%), लाइफस्टाइल और फिटनेस (42%), कॉमेडी (39%) और स्पोर्ट्स (38%) Reels की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कैटेगरी हैं.

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Reels अब सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं रहा, बल्कि प्रोडक्ट के बारे में पता लगाने और खरीदारी के फैसलों को भी प्रभावित कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, Reels के जरिए प्रोडक्ट के बारे में पता चलने की संभावना 81% ज्यादा है, जबकि खरीदारी के फैसलों पर इसका प्रभाव 47% ज्यादा है.

इस बदलाव को समझने के लिए की गई स्टडी में मेट्रो, टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण भारत समेत 23 शहरों के 4000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया. स्टडी के मुताबिक, भारत में सर्वे में शामिल कम से कम 97% यूजर्स रोजाना Meta के प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो देखते हैं. जेन जी में ये आंकड़ा 97%, महिलाओं में 97% और NCCS A ऑडियंस में 98% है. ये आंकड़े बताते हैं कि वीडियो की पहुंच अलग-अलग तरह के यूजर्स के बीच कितनी लंबी चौड़ी हो चुकी है. 

इस बदलाव के बीच रील्स की भूमिका भी तेजी से बढ़ी है. Reels अब नई पीढ़ी के यूजर्स के लिए शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखने का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बन चुका है.

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