इंग्लैंड के नॉर्थहैम्पटनशायर में पुलिस ने एक 15 साल के लड़के पर यौन अपराधों के तहत 22 गंभीर आरोप लगाए हैं. उम्र कम होने की वजह से पुलिस ने उसका नाम उजागर नहीं किया है. पुलिस के अनुसार ये सारी घटनाएं साल 2022 से 2025 के बीच की हैं. इस लड़के पर कुल 10 लड़कियों और 12 महिलाओं के साथ गलत हरकत और छेड़छाड़ करने का आरोप है. आरोपों में 13 साल से कम उम्र की बच्ची और 13-15 साल की लड़कियों के साथ रेप, गलत तरीके से छूना, और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने और अपने पास रखने जैसे संगीन मामले शामिल हैं. इस लड़के को 23 जून को वेलिंगबोरो की यूथ कोर्ट में पेश किया जाएगा.
नर्सरी और प्राइमरी स्कूलों में बड़ा घोटाला
इसी दौरान फ्रांस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे देश के स्कूल सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फ्रांस की पुलिस 100 से ज्यादा स्कूलों और डे-केयर सेंटरों की जांच कर रही है. वहां के सरकारी वकील लॉरे बेकुआ के अनुसार, यह जांच 84 प्री-स्कूल (नर्सरी), करीब 20 प्राइमरी स्कूल और 10 डे-केयर सेंटरों में चल रही है. आरोप है कि दोपहर के खाने के समय, बच्चों के सोने के वक्त या स्कूल खत्म होने के बाद 3 से 4 साल के मासूम बच्चों के साथ गलत काम किया गया.
आरोप किस पर हैं?
ये सारे आरोप स्कूलों के मॉनिटर्स पर लगे हैं. फ्रांस में ये मॉनिटर्स बच्चों के लंच ब्रेक, खेलकूद और सोने के समय उनकी देखभाल करते हैं. इन मॉनिटरों को शिक्षा विभाग या स्कूल सीधे नौकरी पर नहीं रखता, बल्कि स्थानीय प्रशासन रखता है. इस काम के लिए किसी खास डिग्री या पढ़ाई की जरूरत भी नहीं होती. फ्रांस में 3 साल की उम्र से स्कूल जाना जरूरी है, इसलिए 3 से 11 साल के बच्चे हर दिन इन मॉनिटरों की देखरेख में रहते हैं. पीड़ित परिवारों के वकीलों और माता-पिता के संगठनों का कहना है कि यह एक बहुत बड़ा घोटाला है. सरकारी स्कूल जो कभी देश का गौरव थे, आज बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं बचे हैं.
शिकायतों के अनुसार, ये मॉनिटर बच्चों पर चिल्लाते हैं, उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाते हैं जिससे बच्चे उल्टी कर देते हैं, और सबसे गंभीर मामलों में बच्चों का शारीरिक शोषण करते हैं. फरवरी 2025 में एक वकील ने दो बच्चों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई थी. पश्चिमी पेरिस के एक स्कूल में एक ही मॉनिटर पर 3 साल की बच्ची और 3 साल के बच्चे के साथ गलत काम करने का आरोप लगा. हैरान करने वाली बात यह है कि इस मॉनिटर पर पहले भी मारपीट की शिकायत थी, लेकिन उसे सस्पेंड करने के बजाय दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया था. डर का आलम यह था कि एक 3 साल का बच्चा स्कूल के गेट पर इतना डर गया कि वह लगभग बेहोश हो गया.
जल्द न्याय और सख्त सजा की मांग
इस मामले में फ्रांस की अदालतें अब सख्त रुख अपना रही हैं. पेरिस में एक मॉनिटर पर मुकदमा शुरू होगा, जिस पर 3 से 5 साल के 5 बच्चों के साथ गलत हरकत का आरोप है. एक और 47 साल के मॉनिटर पर कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है, जिस पर 9 से 10 साल की लड़कियों के साथ गलत काम का आरोप है. जहां इंग्लैंड में एक नाबालिग लड़का इतने गंभीर अपराधों के घेरे में है, वहीं फ्रांस में पूरा स्कूल प्रशासन कटघरे में है. दोनों ही देशों में माता-पिता बेहद डरे हुए हैं और जल्द से जल्द न्याय और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं.