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शादी के दिन भी काम करता दिखा कर्मचारी, लोग बोले- ये समर्पण नहीं, दबाव है

एक कंपनी के CEO का पोस्ट काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उसने एक कर्मचारी की अपनी शादी के दिन काम करने की तारीफ कर रहा है. लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे गलत बताया और कहा कि शादी जैसे खास दिन पर काम नहीं करना चाहिए.

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कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कर्मचारी छुट्टी पर था, तो फिर उसे मैसेज क्यों किया गया. ( Photo: Pexels)
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कर्मचारी छुट्टी पर था, तो फिर उसे मैसेज क्यों किया गया. ( Photo: Pexels)

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा मामला चर्चा में है, जिसने वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है. यह मामला एक कंपनी के कर्मचारी से जुड़ा है, जो अपनी शादी के दिन भी काम से जुड़ा रहा. इस बात को कंपनी के सीईओ ने गर्व के साथ शेयर किया, लेकिन इंटरनेट पर लोगों ने इसे गलत बताया और जमकर आलोचना की. यह पूरा मामला अमेरिकी कंपनी ट्रिपल व्हेल से जुड़ा है. कंपनी के सह-संस्थापक एजे ओरबाक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने बताया कि उनकी टीम का एक कर्मचारी, डायलन गिफोर्ड, अपनी शादी के दिन भी कुछ समय के लिए ऑनलाइन आया और काम से जुड़े मैसेज का जवाब दिया.

वर्क-लाइफ बैलेंस पर सवाल
ओरबाक ने अपने पोस्ट में इसे एक सकारात्मक बात के रूप में पेश किया. उन्होंने लिखा कि कर्मचारी को पूरी तरह से छुट्टी दी गई थी और किसी ने उसे काम करने के लिए मजबूर नहीं किया था. इसके बावजूद वह खुद ही ऑनलाइन आया, क्योंकि वह अपने प्रोजेक्ट को लेकर बहुत उत्साहित था. उन्होंने इसे खास जिम्मेदारी और काम के प्रति समर्पण का उदाहरण बताया. हालांकि, जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, लोगों की प्रतिक्रियाएं बिल्कुल अलग थीं. कई यूजर्स ने इसे गलत बताया और कहा कि यह वर्क-लाइफ बैलेंस के खिलाफ है. लोगों का कहना था कि शादी जैसे खास मौके पर काम से पूरी तरह दूर रहना चाहिए, न कि ऑनलाइन आकर मैसेज का जवाब देना चाहिए.

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लोगों ने की आलोचना
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कर्मचारी छुट्टी पर था, तो फिर उसे मैसेज क्यों किया गया. उनका मानना था कि शायद कर्मचारी पर जवाब देने का दबाव रहा होगा, इसलिए वह ऑनलाइन आया. एक यूजर ने लिखा कि अगर बॉस ने मैसेज ही नहीं किया होता, तो कर्मचारी अपनी शादी के दिन काम से दूर रहता. कई लोगों ने इस घटना को भयानक और खतरनाक बताया. उनका कहना था कि इस तरह के वर्क कल्चर से कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और निजी जीवन पर बुरा असर पड़ता है.

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कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि इसे गर्व की बात बताना ही गलत है. एक यूजर ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि इस तरह की चीजों को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना चाहिए और इसे प्रेरणादायक बताना और भी गलत है. वहीं, कुछ लोगों ने इसे व्यंग्य समझते हुए कहा कि उम्मीद है यह मजाक ही हो.

क्यों बढ़ रही है ऐसी घटनाएं?
हालांकि, एजे ओरबाक ने बाद में सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद कर्मचारी को लॉग ऑफ करने के लिए कहा था और उसे काम करने के लिए मजबूर नहीं किया गया था. लेकिन इसके बावजूद लोग उनकी बात से सहमत नहीं हुए और आलोचना जारी रही. यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि यह आज के कामकाजी माहौल की एक सच्चाई को दिखाता है.आज के समय में कई लोग काम को लेकर इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि वे अपने निजी पलों में भी उससे दूर नहीं रह पाते. कुल मिलाकर, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या काम के प्रति समर्पण दिखाने के लिए निजी जीवन से समझौता करना सही है? या फिर लोगों को अपने खास पलों में काम से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए?

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