दुबई को दुनिया के सबसे सुरक्षित और अनुशासित शहरों में गिना जाता है, जहां कानून का डर नहीं बल्कि व्यवस्था पर भरोसा लोगों को ईमानदार बनाए रखता है. यहां खोई हुई चीज़ें अक्सर वापस मिल जाती हैं और सिस्टम इतनी तेज़ी से काम करता है कि लोग खुद हैरान रह जाते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब लखनऊ के एक युवक का टैक्सी में खोया हुआ वॉलेट दुबई में महज एक घंटे के भीतर उसे वापस मिल गया. यह घटना दुबई की ईमानदारी, मजबूत कानून व्यवस्था और कार्यकुशल सिस्टम की एक और मिसाल बन गई है.
एक घंटे में मिला वॉलेट
लखनऊ के रहने वाले एक व्यक्ति ने दुबई से जुड़ा अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है. उन्होंने बताया कि दुबई में टैक्सी में उनका बटुआ छूट गया था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सिर्फ एक घंटे के अंदर वह बटुआ उन्हें वापस मिल गया. X (पहले ट्विटर) पर आलोक तिवारी नाम के यूजर ने लिखा कि दुबई में टैक्सी से उतरते समय उनका बटुआ गाड़ी में ही रह गया. उन्होंने इस बारे में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई थी. इसके बावजूद टैक्सी ड्राइवर ने ईमानदारी दिखाते हुए बटुआ पुलिस को सौंप दिया.
पुलिस ने सिस्टम की मदद से एक घंटे से भी कम समय में आलोक तिवारी से संपर्क कर लिया और बटुआ उन्हें लौटा दिया. जब उन्होंने बटुआ चेक किया तो उसमें रखे 500 दिरहम में से सिर्फ 20 दिरहम कम थे. बाद में उन्हें लगा कि शायद वही टैक्सी का किराया रहा होगा. उन्होंने लिखा कि दुबई में ईमानदारी और वहां की व्यवस्था की कार्यकुशलता वाकई काबिल-ए-तारीफ है.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और अब तक इसे लाखों लोग देख चुके हैं. कमेंट सेक्शन में लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए. एक यूजर ने बताया कि भारत में गोवा घूमने के दौरान उनका बटुआ खो गया था, जिसे कुछ दिनों बाद पुलिस ने सुरक्षित लौटा दिया। उन्होंने कहा कि किसी अजनबी ने बटुआ पाकर उसे सीधे पुलिस को सौंप दिया था. एक अन्य यूजर ने लिखा कि दुबई में कानून बहुत सख्त है, इसलिए लोग चोरी करने की हिम्मत नहीं करते. कुछ लोगों ने कहा कि कानून का डर होने से व्यवस्था सही तरीके से चलती है.
वहीं, कुछ यूजर्स ने दुबई के मजबूत सिस्टम की तारीफ की. उनका कहना था कि वहां खोई हुई चीज़ों को तुरंत रिकॉर्ड किया जाता है और डिजिटल सिस्टम के जरिए मालिक तक जल्दी पहुंचाया जाता है. कुल मिलाकर, यह घटना दुबई की ईमानदारी, सख्त कानून और मजबूत व्यवस्था की एक मिसाल बन गई है, जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं.