संसद के दोनों सदनों के सदस्यों का फोटो सेशन था लेकिन उसमें सरकार के सबसे बड़े मंत्री ही नहीं पहुंचे.
सबसे बड़ी लापरवाही कि जो खबरे मिल रही हैं उसके मुताबिक को सूचना ही नहीं दी गई थी.
अमूमन पार्लियामेंट सेक्रेटारिएट की तरफ से तमाम संसद सदस्यों को सूचना दी जाती है लेकिन को संयुक्त फोटोसेशन की सूचना दी ही नहीं गई. हालांकि अब संसद सचिवालय की तरफ से कहा जा रहा है फोटो शूट के लिए किसी भी सदस्य को पर्सनल सूचना नहीं दी जाती है बल्कि फोटोसेशन की तारीख और समय का एक बुलेटिन हर किसी के पास पहुंचता है.
लेकिन के दफ्तर का कहना है कि फोटोशूट की निजी सूचना मिलनी चाहिए थी. प्रणब मुखर्जी के दफ्तर से कर्टसी की अनदेखी का आरोप पार्लियामेंट सेक्रेटारिएट पर लगाया गया है.
अब ये समझ से परे है कि 15वीं लोकसभा सालाना फोटोसेशन का मौका कैसे चूक गए.
केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी तो नहीं कि इस ऐतिहासिक फोटोसेशन में क्यों नहीं पहुंचे लेकिन उनकी कमी खली.
वहीं केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री कृष्णा तीरथ मामले पर गोल मोल जवाब देकर निकल गईं.