अब आप सावधान हो जाइए. जो खतरा पहले खारिज किया गया था, वो असल में तब भी जिंदा था, आज भी जिंदा है.
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चेहरा पहचानें, जीतें ईनाम. भाग लेने के लिए |
हम बात कर रहे हैं उस बैक्टिरिया की, जिसे सुपरबग कहते हैं. वैसा सुपरबग जिसपर एंटी बायोटिक्स का भी इस्तेमाल नहीं होता है.
राजधानी दिल्ली के मशहूर सर गंगाराम अस्पताल में बाकायदा स्टडी की गई और नतीजा जो निकला, वो खौफनाक था.
इस अस्पताल में कई मरीजों में सुपरबग पाए गए. पूरे अस्पताल से कुल 10 हजार 889 सैंपल लिए गए थे. इनमें से आईसीयू में 2598 सैंपल पॉजिटिव पाए गए.
जनरल वार्ड में 2669 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. स्टडी के मुताबिक ज्यादातर ईकोलाई और न्यूमोनिया के मरीजों में ये सुपरबग पाया गया था.
गंगाराम अस्पताल का कहना है कि पिछले पांच महीनों में ये स्टडी की गई है. इस सुपरबग को एनडीएम1 कहा जाता है.
शुरू में जब इसके बारे में चर्चा हुई थी, तो इसकी मौजूदगी पर सवाल उठा दिए गए थे. लेकिन अब इस स्टडी ने सुपरबग की मौजूदगी साबित कर दी है.