एक अध्ययन में दावा किया गया है कि ब्रिटेन तथा डेनमार्क में गाय के दूध में और लोगों में दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया ‘एमआरएसए’ पाया गया है.
ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में ‘प्रीवेन्टिव वेटरनरी मेडिसिन’ के वरिष्ठ प्राध्यापक और प्रमुख अनुसंधानकर्ता मार्क होमेज ने कहा है कि यह सुपरबग बिल्कुल नया है और इससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है.
‘द लैन्सेट इन्फैक्शियस डिजीजेज’ में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि पाश्चुरीकृत दूध और डेयरी उत्पादों की सुरक्षा के लिए सामान्य तौर पर कोई खतरा नहीं है लेकिन पशुओं के साथ काम करने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है.
अध्ययन के अनुसार, ‘मेथाईसिलीन प्रतिरोधी स्टेफाइलोकॉकस ऑरियस’ (एमआरएसए) दुनिया भर के अस्पतालों में एक बड़े खतरे के रूप में उभरा है और घावों में इसका संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है.
होमेज ने संवाददाताओं से कहा, ‘हालांकि इस बारे में परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं कि गायें कई तरह के संक्रमण का स्रोत हो सकती हैं लेकिन यह अब तक पता नहीं चल पाया है कि क्या गायों से लोगों को या लोगों से गायों को संक्रमण हो रहा है. इन सभी तथ्यों पर विचार किया जा रहा है’ उन्होंने बताया कि यदि दूध पाश्चुरीकृत है तो यह खतरनाक नहीं होता. उन्होंने कहा कि चीज़ बनाने की प्रक्रिया में भी कई बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं.
होमेज के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता यह है कि नए प्रतिरोधी बैक्टीरिया की परंपरागत जेनेटिक स्क्रीनिंग परीक्षणों के दौरान यदि सही पहचान नहीं की जाएगी और मान लिया जाएगा कि इसे दवाओं से खत्म किया जा सकता है तो लोगों को गलत एंटीबायोटिक दी जा सकती है और उन्होंने उसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं. दूसरी ओर, यह सुपरबग भी समस्या पैदा करेगा.