ने एक बार फिर साफ कर दिया कि वह लिएंडर पेस के साथ के लिए पुरुष युगल जोड़ी नहीं बनाएंगे. का यह बयान केंद्रीय खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजय माकन के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने भारतीय से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) को ही लंदन ओलम्पिक के लिए टीम चुननी चाहिए.
सोमवार को जारी अपने उस बयान को लेकर, जिसमें उन्होंने कहा था कि एआईटीए को दो युगल टीमें लंदन भेजनी चाहिए, स्थिति साफ करते हुए माकन ने कहा कि उन्होंने यह बात इसलिए कही थी क्योंकि यह मुद्दा देश को मान-सम्मान दिलाने वाले खिलाड़ियों ने उठाया है.
इसके बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पेस के साथ नहीं खेलेंगे. भूपति ने साफ किया कि वह सिर्फ और सिर्फ अपने साथी जोड़ीदार रोहन बोपन्ना के साथ खेलने को तैयार हैं.
इससे पहले, माकन ने सोमवार को कहा था कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि जब एआईटीए दो टीमें भेज सकता है तो फिर वह एक टीम भेजने को लेकर जिद पर क्यों अड़ा हुआ है.
माकन ने हालांकि मंगलवार को स्वत: ही अपनी इस चिंता को दूर करते हुए टीम चुनने का काम एआईटीए को ही करने देने की बात कही. माकन के मुताबिक राजनेताओं और मंत्रालय के लिए किसी खेल संघ की चयन प्रक्रिया में दखल देना उचित नहीं है और यही कारण है कि वह यह कह रहे हैं कि टीम के चयन का काम एआईटीए ही करे.
माकन का यह बयान एआईटीए द्वारा भूपति और लिएंडर पेस की जोड़ी बनाने के अपने फैसले का बचाव किए जाने के बाद आया था। एआईटीए ने माकन का बयान आने से कुछ समय पहले ही सरकार के पाले में गेंद डालते हुए उसके सामने चयन सम्बंधी समस्या के अंत के लिए पांच रास्ते सुझाए थे.
एआईटीए महासचिव भरत ओजा ने खेल मंत्री अजय माकन के सवाल के जवाब में कहा कि पेस के साथ युकी भाम्बरी या फिर विष्णु वर्धन जैसे जूनियर खिलाड़ियों की जोड़ी बनाना सबसे उपयुक्त रास्ता होगा.
ओजा ने कहा कि ऐसा किया जा सकता है लेकिन यह भी सोचना जरूरी है कि पेस जैसे सीनियर खिलाड़ी की प्रतिष्ठा से इस चयन से कितना धक्का लगेगा। पेस आखिर विश्व के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं.
ओजा ने कहा कि एक या दो टीम चुनने का फैसला इतना आसान नहीं है. साथ ही साथ ओजा ने भूपति और रोहन बोपन्ना की आलोचना की और कहा कि दो खिलाड़ी आपस में साझेदारी करके देश को अपमानित करने का काम कर रहे हैं.
एआईटीए द्वारा सुझाए गए पांच रास्ते:
पहला रास्ता-खिलाड़ियों से कहा जाए कि वे चयन समिति के उस फैसले को मानें, जिसमें पांच डेविस कप और एक फेडरेशन कप खिलाड़ियों में से ओलम्पिक टीम का गठन किया जाता है. इसका मतलब यह है कि पेस को भूपति के साथ खेलना होगा। यह एकमात्र और चयनकर्ताओं के लिहाज से सबसे योग्य जोड़ी होगी.
दूसरा रास्ता- भूपति अगर पेस के साथ नहीं खेलना चाहते तो फिर बोपन्ना को खेलना चाहिए क्योंकि यह फैसला एआईटीए की चयन समिति ने लिया है. इसका मतलब यहां यही होगा कि ओलम्पिक में भारत का एक ही जोड़ी उतरेगा. तीसरा रास्ता- इसमें ओलम्पिक में दो जोड़ियों को भेजना शामिल है. पेस को युकी या फिर विष्णु के साथ खिलाया जाए और भूपति को बोपन्ना के साथ लंदन भेजा जाए.
चौथा रास्ता-पेस अगर यह फैसला करते हैं कि उन्हें निचले क्रम के खिलाड़ी के साथ ओलम्पिक के लिए नहीं जाना है तो फिर भूपति और बोपन्ना को देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाए.
पांचवां रास्ता-भूपति और बोपन्ना अगर चयन समिति का फैसला नहीं मानते हैं तो फिर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और पेस को किसी जूनियर के साथ लंदन भेजा जाए.