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दुबई में 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' का आगाज, 150 देशों के नेता होंगे शामिल

दुबई में आज से World Governments Summit 2026 का भव्य आगाज़ हो रहा है, जिसमें 150 से अधिक देशों के दिग्गज नेता भविष्य की चुनौतियों पर मंथन करेंगे. इस ऐतिहासिक आयोजन में 35 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और 6,000 प्रतिभागी शामिल होकर वैश्विक विकास का नया रोडमैप तैयार करेंगे.

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दुबई में आज से जुटेंगे दुनिया भर के दिग्गज नेता (Photo-ITG)
दुबई में आज से जुटेंगे दुनिया भर के दिग्गज नेता (Photo-ITG)

दुबई में 3 से 5 फरवरी तक World Governments Summit 2026 आयोजित किया जा रहा है. इस बार की थीम है- 'भविष्य की सरकारों को आकार देना'. यह इस सम्मेलन के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें दुनिया भर से सबसे ज्यादा लोग हिस्सा ले रहे हैं. इस समिट में 6,000 से ज्यादा लोग शामिल होंगे, जिनमें 35 से अधिक देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, 150 देशों की टीमें और 500 से ज्यादा मंत्री शिरकत करेंगे.

इस सम्मेलन की जानकारी देते हुए मंत्री मोहम्मद अल गरगावी ने बताया कि 2013 में शुरू हुआ यह सफर अब काफी बदल चुका है. पहले इसका मकसद सिर्फ सरकारी कामकाज को बेहतर बनाना था, लेकिन आज यह एक ऐसा बड़ा मंच बन गया है, जहां दुनिया की बड़ी और कठिन समस्याओं के हल ढूंढे जाते हैं.

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ये नेता होंगे शामिल

इस बार सम्मेलन में अब तक के सबसे ज्यादा देशों के बड़े नेता एक साथ जुटेंगे. जिसमें 150 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ 35 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष शामिल होंगे. पुष्टि किए गए नेताओं में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck), स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन, (Guy Parmelin), इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ (Daniel Noboa), एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस (Alar Karis) और उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा (Gordana Siljanovska-Davkova) शामिल हैं. आने वाले शासनाध्यक्षों में स्पेन, अल्बानिया, जॉर्जिया, मिस्र, भूटान और विभिन्न क्षेत्रों के कई अन्य देशों के प्रधानमंत्री शामिल हैं.

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2026 के एजेंडे में 24 विशेष वैश्विक मंच, 35 से अधिक मंत्री-स्तरीय और उच्च-स्तरीय बैठकें, और 320 से अधिक सत्र शामिल होंगे, जिनमें राष्ट्रपतियों, मंत्रियों, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और विचारकों सहित 450 से अधिक वैश्विक हस्तियां शामिल होंगी. ये सत्र शासन, प्रौद्योगिकी, विमानन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वैश्विक व्यापार, निवेश और उभरते भविष्य के उद्योगों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे.

100 से अधिरक संस्थान एक साथ

इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के साथ-साथ दुनिया के बड़े संस्थान भी एक साथ जुटेंगे. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD), अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC), विश्व बैंक, ओपेक (OPEC) फंड और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) जैसे संगठनों के वरिष्ठ नेता हाई-लेवल चर्चाओं और रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लेंगे.

इन रणनीतिक चर्चाओं और मंचों में भविष्य की शासन व्यवस्था, आर्थिक समृद्धि, रणनीतिक निवेश, सामाजिक कल्याण, शहरी विकास और उभरते क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. साथ ही, यह शिखर सम्मेलन अपने अंतरराष्ट्रीय नॉलेज पार्टनर्स के सहयोग से 36 रणनीतिक रिपोर्ट भी जारी करेगा, जिनका मकसद दुनिया भर में सरकारी नीतियों और बड़े फैसलों को सही दिशा देना है. 

शिखर सम्मेलन के दौरान इंडिया टुडे के एंकर्स कम से कम चार सत्रों का संचालन करेंगे

4 फरवरी: 'क्या सरकारें सिस्टम बना रही हैं या उत्पाद खरीद रही हैं?' – गीता मोहन 

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5 फरवरी: कार्बन की कीमत: व्यापार के रास्ते में आने वाली अगली रुकावट के लिए तैयारी– अंजना ओम कश्यप 

5 फरवरी: अगली अर्थव्यवस्था कैसी हो: नए और उभरते बाजारों के संस्थापकों से क्या सबक लें?– मारिया शकील

5 फरवरी: 'डिजिटल जीवनशैली का डिज़ाइन: बुनियादी ढांचे से अनुभव तक' – सिद्धार्थ ज़राबी 

इसके अलावा, सरकारी कामकाज और जनसेवा में बेहतरीन काम को सम्मान देने के लिए, 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट 2026' में चार बड़े ग्लोबल अवॉर्ड्स दिए जाएंगे. ये पुरस्कार इनोवेशन , सुधार, सस्टेनेबिलिटी और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार नेतृत्व के लिए दिए जाएंगे.


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