यात्रा करना हमेशा से ही ट्रेंड में रहा है, जो चीज अब बदल गई है, वह है अंतरराष्ट्रीय यात्रा का बेहद आसान और सुलभ होना. आज के यात्री अचानक से विदेश यात्रा का प्लान उतनी ही आसानी से बना लेते हैं, जितनी सहजता से वे किसी घरेलू ठिकानों को चुनते हैं. और भारतीय यात्रियों की 'विश लिस्ट' में जो जगह हमेशा टॉप पर बनी रहती है, वह है 'गार्डन सिटी' यानी सिंगापुर. लेकिन अब सिंगापुर जाने से पहले आपको कुछ अतिरिक्त कागजी कार्यवाही और नियमों को पूरा करना होगा, जिन्हें सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए जोड़ा गया है.
सिंगापुर सरकार ने अपने देश में आने वाले हर यात्री के लिए सुरक्षा की एक ऐसी एक्स्ट्रा लेयर तैयार कर दी है, जो आपकी जरा सी लापरवाही पर भारी पड़ सकती है. 30 जनवरी 2026 से लागू हुए नए 'नो-बोर्डिंग निर्देश' (NBD) ने यात्रा के समीकरण बदल दिए हैं. अब सिंगापुर प्रशासन आपकी जांच तब नहीं करेगा जब आप वहां पहुंचेंगे, बल्कि यह फैसला आपके जहाज में बैठने से पहले ही हो जाएगा. अगर आपके डॉक्यूमेंट्स में कोई भी कमी मिली, तो एयरलाइन आपको बोर्डिंग पास देने से इनकार कर देगी और आपका विदेश घूमने का सपना टेक-ऑफ से पहले ही लैंड हो जाएगा.
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अब लैंडिंग नहीं, बोर्डिंग पर ही होगी छंटनी
सिंगापुर के आव्रजन और चेकपॉइंट प्राधिकरण (ICA) ने चांगी और सेलेतार हवाई अड्डों पर आने वाली सभी एयरलाइनों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं. इस नए कानून के पीछे का विचार बिल्कुल साफ है कि सिंगापुर की धरती पर किसी भी अवांछित या बिना दस्तावेजों वाले यात्री के कदम पड़ने ही न दिए जाएं.
अब तक होता यह था कि अगर किसी यात्री के पास वीजा नहीं होता था या कोई अन्य गड़बड़ी होती थी, तो उसे सिंगापुर पहुंचने के बाद अतिरिक्त स्क्रीनिंग के लिए अलग किया जाता था और फिर वहीं से वापस (डिपोर्ट) भेजा जाता था. इससे न केवल इमिग्रेशन काउंटर पर भारी भीड़ जमा होती थी, बल्कि सुरक्षा का जोखिम भी बना रहता था.
अब सिंगापुर प्रशासन ने इस प्रक्रिया को एक कदम आगे बढ़ा दिया है. अब ICA यात्रियों द्वारा दी गई अग्रिम जानकारी, जैसे कि 'SG अराइवल कार्ड' (SGAC) और एयरलाइनों द्वारा भेजी गई यात्रियों की लिस्ट का विश्लेषण पहले ही कर लेगा. इस डेटा के आधार पर, अगर कोई यात्री संदिग्ध पाया जाता है या उसकी एंट्री पर रोक लगी है, तो ICA सीधे एयरलाइन को उसे विमान में सवार न करने का निर्देश (NBD) भेज देगा. यानी अब आपकी यात्रा की मंजूरी सीधे सिंगापुर की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली के हाथों में होगी.
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चेक-इन काउंटर पर बदल जाएंगे नियम
इस नए नियम के लागू होने के बाद अब एयरपोर्ट के चेक-इन काउंटर पर यात्रियों को अधिक समय देना पड़ सकता है. अगर किसी यात्री के नाम पर NBD जारी किया गया है, तो एयरलाइन स्टाफ उसे बोर्डिंग पास देने से इनकार कर देगा. यह जिम्मेदारी अब पूरी तरह एयरलाइन संचालकों पर डाल दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी अयोग्य यात्री विमान में न चढ़े.
इसके लिए एयरलाइनों को यात्रियों का वीजा अप्रूवल और SGAC जमा करने की रसीद जैसे दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन करना होगा. यह कदम संभावित सुरक्षा खतरों को सिंगापुर की सीमा तक पहुंचने से पहले ही बेअसर करने के लिए उठाया गया है.
एयरलाइन पर भी गिरेगी गाज
दिलचस्प बात यह है कि इस कानून का पालन न करने पर सजा के प्रावधान बेहद सख्त रखे गए हैं. सिंगापुर सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों के साथ कोई समझौता नहीं होगा. यदि कोई एयरलाइन जानबूझकर या लापरवाही के चलते किसी वर्जित यात्री को बोर्डिंग की अनुमति देती है, तो उस पर आव्रजन अधिनियम 1959 के तहत 10,000 डॉलर तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, जिम्मेदार पायलट या स्टाफ को छह महीने तक की कैद या जुर्माना, अथवा दोनों की सजा भुगतनी पड़ सकती है. इससे यह साफ है कि अब एयरलाइंस भी यात्रियों की जांच में कोई ढील नहीं बरतेंगी.
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सख्ती के बावजूद भारतीयों का सिंगापुर प्रेम बरकरार
नियमों की इस कड़ाई के बीच एक राहत की बात यह है कि सिंगापुर अभी भी भारतीय सैलानियों की पहली पसंद बना हुआ है. आंकड़े बताते हैं कि नियम चाहे कितने भी कड़े क्यों न हो जाएं, सिंगापुर आज भी भारतीय सैलानियों के लिए हॉट फेवरेट डेस्टिनेशन बना हुआ है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्चर्ड रोड बिजनेस एसोसिएशन (ORBA) के अध्यक्ष मार्क शॉ का कहना है कि सिंगापुर के लिए भारतीय बाजार कमर्शियल तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि भारतीय सैलानी न केवल सिंगापुर पहुंच रहे हैं, बल्कि वे वहां जमकर लग्जरी शॉपिंग और विलासितापूर्ण खर्च भी कर रहे हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को बड़ी ताकत मिल रही है.
सिंगापुर पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर और भी साफ हो जाती है. साल 2025 के शुरुआती 10 महीनों में ही करीब 10 लाख भारतीय सैलानी सिंगापुर की सैर कर चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 2.6 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं, अगर ग्लोबल लेवल पर देखें, तो जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच दुनिया भर से करीब 1425 लाख पर्यटक सिंगापुर पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है.
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