दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने जयपुर के 'हयात रीजेंसी मानसरोवर' होटल पर निजता के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है. महिला का दावा है कि उनकी भतीजी जब अपने कमरे में दाखिल हुई, तो वहां होटल के दो स्टाफ मेंबर पहले से मौजूद थे. हैरानी की बात यह है कि इन कर्मचारियों ने बिना किसी अनुमति या सूचना के 'मास्टर की' का इस्तेमाल कर कमरे में प्रवेश किया था.
जान्हवी जैन नाम की इस महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट साझा कर इस पूरी घटना का विवरण दिया. उन्होंने बताया कि वीकेंड के दौरान उनके परिवार ने इस होटल में कुल आठ कमरे बुक किए थे. इस घटना के बाद परिवार ने होटल की सुरक्षा और मेहमानों की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
जान्हवी जैन ने सुनाई जयपुर के होटल की आपबीती
जान्हवी जैन के दावों के मुताबिक, यह घटना 12 जनवरी की शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच की है. उन्होंने बताया कि रूम नंबर 3808 में होटल के दो कर्मचारी 'मास्टर की' (Master Key) का इस्तेमाल कर अंदर घुस गए. हैरान करने वाली बात यह थी कि उस कमरे की सफाई पहले ही हो चुकी थी और परिवार की ओर से किसी भी तरह की सर्विस या मदद की कोई रिक्वेस्ट नहीं की गई थी.
जान्हवी ने बताया कि उनकी छह साल की भतीजी जैसे ही कमरे के अंदर पहुंची, वहां दो अनजान वयस्कों को देखकर बुरी तरह डर गई. वह रोते हुए कमरे से बाहर भागी. उन्होंने आगे यह भी बताया कि उन कर्मचारियों ने अपने नाम के बैच नहीं पहने थे, जिसकी वजह से बाद में परिवार के लिए उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया.
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सुरक्षा और मर्यादा पर खड़े किए बड़े सवाल मेहमानों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए जान्हवी ने सवाल किया कि आखिर होटल का स्टाफ बिना किसी सूचना या अनुमति के किसी के कमरे में कैसे घुस सकता है? उन्होंने अपनी पोस्ट में एक डरावनी स्थिति की ओर इशारा करते हुए पूछा, "जरा सोचिए, अगर उस वक्त कमरे के अंदर कोई सो रहा होता, कपड़े बदल रहा होता या शॉवर ले रहा होता, तो क्या होता? उन्होंने न केवल निजता के हनन बल्कि चोरी या बच्चों को नुकसान पहुंचने की आशंका पर भी गहरा डर व्यक्त किया.
जान्हवी जैन के अनुसार, इस डरावनी घटना के बाद होटल प्रशासन का रवैया और भी ज्यादा निराशाजनक और अपमानजनक था. उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा पर्यवेक्षक नवीन सिंह और अक्षय नाम के एक अन्य स्टाफ सदस्य ने उन कर्मचारियों की पहचान बताने से साफ इनकार कर दिया जो कमरे में घुसे थे. इतना ही नहीं, होटल ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया कि आखिर वे कर्मचारी वहां क्या कर रहे थे.
होटल ने नहीं दिया सीसीटीवी फुटेज
जान्हवी ने दावा किया कि जब उन्होंने सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो होटल ने उसे साझा करने से मना कर दिया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह थी कि होटल को पता था कि उस समय हमारा पूरा परिवार डिनर के लिए बाहर जा रहा है और हमारे ज्यादातर कमरे खाली होंगे." उन्होंने अपनी इस पोस्ट में 'हयात' (Hyatt) के आधिकारिक अकाउंट को भी टैग किया है.
जान्हवी के मुताबिक, अक्षय ने परिवार को बताया कि होटल के जनरल मैनेजर नवीन यादव ने इस गंभीर मामले पर बेहद लापरवाही से टिप्पणी करते हुए कहा "तो क्या हो गया अगर (स्टाफ) अंदर चले गए. मैनेजर की इस बात ने परिवार के गुस्से को और भड़का दिया. जैन ने कहा, "एक छोटी बच्ची दो अनजान पुरुषों के साथ कमरे में अकेली रह गई थी और होटल का यह जवाब था!" उन्होंने कहा कि घटना से ज्यादा होटल के इस लापरवाह और गैर-जवाबदेह व्यवहार ने उन्हें आहत किया है.
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अपनी पोस्ट के अंत में जान्हवी ने चेतावनी देते हुए लिखा, "अब तक हमें न कोई जवाब मिला, न स्पष्टीकरण, न सीसीटीवी दिखाया गया और न ही किसी ने जिम्मेदारी ली, जो माफी मांगी गई उसका कोई मतलब नहीं है." उन्होंने बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को आगाह किया कि वे इस प्रॉपर्टी में रुकने से पहले दो बार सोचें.
15 जनवरी को जान्हवी जैन ने इस मामले में एक नया अपडेट साझा किया, उन्होंने बताया कि 'हयात होटल्स कॉर्पोरेशन' की एक टीम ने उनसे संपर्क किया है, जिसका नेतृत्व खुद कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ (CEO) मार्क होपलामाज़ियन (Mark Hoplamazian) कर रहे हैं. कंपनी की ओर से संकेत दिया गया कि वे अगले 72 घंटों के भीतर इस मामले पर विस्तृत फॉलो-अप करेंगे. इसके साथ ही, हयात के आधिकारिक कस्टमर सर्विस हैंडल 'हयात कंसीयज' (Hyatt Concierge) ने भी उनसे घटना की पूरी जानकारी डायरेक्ट मैसेज (DM) के जरिए साझा करने को कहा.

जान्हवी ने बाद में फिर से दावा किया कि जानकारी साझा करने के बावजूद उन्हें अब तक होटल की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि तमाम ऊंचे संपर्कों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जान्हवी जैन की इस पोस्ट को अब तक लाखों व्यूज मिल चुके हैं, जिसने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने तर्क दिया कि शायद स्टाफ 'ईवनिंग टर्नडाउन सर्विस' के लिए गया होगा, जिसमें अक्सर मेहमानों के बाहर होने पर मिनीबार चेक करना या जरूरी सामान दोबारा भरना शामिल होता है. हालांकि, जान्हवी ने इस सफाई को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कमरे की नियमित सफाई दिन में ही पूरी हो चुकी थी और बिना किसी विशेष अनुरोध या सूचना के दोबारा कमरे में घुसना किसी भी होटल का मानक प्रोटोकॉल नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "यह कोई गलतफहमी नहीं थी, बल्कि निजता और होटल के नियमों का सीधा उल्लंघन था."
इस पूरे मामले पर 'इंडिया टुडे' ने भी 'हयात रीजेंसी' को पत्र लिखकर उनका पक्ष मांगा है. होटल की ओर से आधिकारिक बयान आते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा.
लीला पैलेस उदयपुर पर लग चुका है 10 लाख का जुर्माना
हयात की यह घटना चेन्नई की एक उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) के 9 जनवरी के उस फैसले के कुछ ही दिनों बाद आई है, जिसमें 'द लीला पैलेस उदयपुर' को मेहमानों की निजता के उल्लंघन का दोषी पाया गया था. उस मामले में, अदालत ने लग्जरी होटल को चेन्नई के एक दंपति को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था. दंपति का आरोप था कि जब वे वॉशरूम में थे, तब हाउसकीपिंग स्टाफ 'मास्टर की' का इस्तेमाल कर उनके कमरे में घुस आया था. हालांकि, होटल ने इन आरोपों को नकारा था और दलील दी थी कि मेहमानों ने दरवाजे पर 'डू नॉट डिस्टर्ब' (DND) का साइन नहीं लगाया था.