भारत में मेहमाननवाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर है तभी को यहां मेहमानों को भगवान का रूप माना जाता है. हमारे देश में कुछ ऐसे शहर हैं जो इस बात को सचमुच जीकर दिखाते हैं. अक्सर हम घूमने की जगह तो चुन लेते हैं, पर वहां के लोगों का बर्ताव और स्वागत करने का तरीका ही हमारी ट्रिप को यादगार बनाता है.
अगर आप भी इस साल कहीं ऐसी जगह जाने का मन बना रहे हैं जहां आपको अपनों जैसा प्यार और शानदार खातिरदारी मिले, तो देश के कुछ खास शहरों ने इस मामले में एक अलग पहचान बनाई है. यहां के लोग न केवल पर्यटकों का दिल जीत रहे हैं, बल्कि अपनी मेजबानी से एक ऐसी याद दे रहे हैं जो उम्र भर साथ रहती है.
सिर्फ नजारे नहीं, दिल भी जीतता है हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बसा छोटा सा शहर बीर इन दिनों अपनी मेहमाननवाजी के लिए चर्चा में है. पैराग्लाइडिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग माना जाने वाला यह शहर सिर्फ रोमांचक खेलों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की शांत जीवनशैली और स्थानीय लोगों के बेहद दोस्ताना व्यवहार के लिए जाना जाता है. बीर अपनी जीवंत संस्कृति और मैत्रीपूर्ण वातावरण की वजह से यात्रियों की पहली पसंद बना हुआ है. यहां के तिब्बती मठों की शांति और मनमोहक दृश्यों के बीच जब स्थानीय लोग मुस्कुराकर आपका स्वागत करते हैं, तो सफर की सारी थकान मिट जाती है.
मेहमाननवाजी की इस खूबसूरत लिस्ट में हिमाचल प्रदेश का नाम सबसे ऊपर उभरकर सामने आया है. पहाड़ की ताजी हवा और वहां के लोगों का सीधा-सादा, मिलनसार स्वभाव सैलानियों को एक अलग ही सुकून देता है. अक्सर देखा गया है कि लोग अब समुद्र के किनारों के साथ-साथ पहाड़ों की उन वादियों को भी खूब पसंद कर रहे हैं, जहां सत्कार में कोई दिखावा नहीं, बल्कि दिल से किया गया स्वागत होता है. हिमाचल की यही भावना उसे पर्यटकों के लिए सबसे खास बनाती है.
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पधारो म्हारे देस… राजस्थान की शाही मेहमाननवाजी का कोई जवाब नहीं
मरुधरा राजस्थान की तो बात ही निराली है. यहां की मिट्टी में ही 'पधारो म्हारे देस' की गूंज बसी है. राजस्थान का जैसलमेर और इसके आस-पास के इलाके अपनी उस शाही मेहमाननवाजी के लिए मशहूर हैं, जहां सैलानियों का स्वागत बिल्कुल राजसी अंदाज में किया जाता है. यहां के लोग न केवल अपनी संस्कृति को सहेज कर रखे हुए हैं, बल्कि जब वे मुस्कुराकर और गर्मजोशी के साथ पर्यटकों की खातिरदारी करते हैं, तो विदेशी मेहमान भी उनके मुरीद हो जाते हैं. रेगिस्तान की सुनहरी रेत के बीच बसा यह क्षेत्र दुनिया भर में अपनी अनूठी मेजबानी की मिसाल पेश करता है.
दक्षिण भारत का सत्कार
वहीं अगर दक्षिण भारत की बात करें, तो केरल अपनी शांत हरियाली और बेमिसाल खातिरदारी के लिए जाना जाता है. मरारिकुलम, थेक्कडी, मुन्नार और वर्कला जैसे शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ वहां के लोगों के मिलनसार स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हैं. केरल के बैकवाटर्स की सैर हो या वहां का पारंपरिक खान-पान, स्थानीय लोगों का स्वागत करने का तरीका हर मुसाफिर का दिल जीत लेता है.
छोटे शहर ही नहीं, बड़े महानगर भी मेजबानी में आगे
सिर्फ छोटे कस्बे ही नहीं, बल्कि दिल्ली, मुंबई, कोच्चि और कोलकाता जैसे बड़े शहर भी अपनी मेहमान नवाजी के लिए खास पहचान रखते हैं. दिल्ली का दिल हो या कोलकाता का अपनापन, हर शहर का स्वागत करने का अपना एक तरीका है. हैदराबाद की तहजीब और अहमदाबाद का मिलनसार स्वभाव पर्यटकों को बार-बार आने के लिए प्रेरित करता है.
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हर तरफ बसी है आत्मीयता
भारत की मेहमाननवाजी सिर्फ कुछ ही राज्यों तक सीमित नहीं है. जम्मू-कश्मीर की बर्फीली वादियां हों, उत्तराखंड के शांत पहाड़ या फिर असम के हरे-भरे चाय के बागान, इन सभी राज्यों ने भी अपने खास आकर्षण और आतिथ्य से पर्यटन की दुनिया में एक अलग ही मुकाम हासिल किया है. यहां की वादियों और जंगलों के बीच रहने वाले लोगों का मेहमान नवाजी का अपना ही अंदाज है, जो किसी भी सैलानी के सफर को मुकम्मल बना देता है.
कुल मिलाकर, भारत की असली खूबसूरती यहां के नजारों के साथ-साथ यहां के लोगों के खुले दिल और उनकी शानदार मेजबानी में बसी है, जो हर मुसाफिर को एक नया अनुभव देती है.