वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में कैरेबियाई नेताओं ने कहा कि बदलती दुनिया में छोटे द्वीप राष्ट्र अब अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने और बढ़ाने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं. ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स के प्रीमियर नटालियो व्हीटली और ग्रेनाडा के प्रधानमंत्री माननीय डिकन मिशेल ने कहा कि छोटे द्वीप राष्ट्र इस बात पर पुनर्विचार कर रहे हैं कि वे अपनी अर्थव्यवस्थाओं को कैसे बढ़ाएं और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा कैसे करें. उनका मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बदलाव विश्व व्यवस्था को नया आकार दे रहे हैं.
वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में इंडिया टुडे से बात करते हुए, दोनों नेताओं ने कैरेबियाई देशों के लिए शांति, आर्थिक विविधीकरण और मजबूत वैश्विक साझेदारी के महत्व पर जोर दिया.
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भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय स्थिरता
व्हीटली ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ऐसे समय में दुनिया के देशों को एक साथ लाकर शानदार नेतृत्व का परिचय दिया है, जब पूरी वैश्विक व्यवस्था भारी दबाव के दौर से गुजर रही है. उनका मानना है कि ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स जैसे छोटे द्वीप विकासशील देशों के लिए यह एक बड़ा मौका है, ताकि वे मिलकर एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तैयार कर सकें जो अधिक निष्पक्ष हो और जिसमें सभी को समान रूप से शामिल किया जाए.
उन्होंने कहा कि पास के क्षेत्रों में अस्थिरता का असर कैरेबियाई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत तेजी से पड़ सकता है. वेनेजुएला में राजनीतिक तनाव और अमेरिकी क्षेत्रों के पास सैन्य गतिविधियों जैसी घटनाओं ने अतीत में चिंता पैदा की है और यात्रा सेवाओं में बाधा डाली है. चूंकि पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है, इसलिए क्षेत्र में होने वाली कोई भी अनिश्चितता सीधे तौर पर लोगों की आजीविका को प्रभावित कर सकती है.
मिशेल ने भी इन चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि ग्रेनाडा, वेनेजुएला से केवल 100 मील की दूरी पर स्थित है. उन्होंने बताया कि कैरेबियाई देशों का लक्ष्य हमेशा से खुद को "शांति क्षेत्र" (Zone of Peace) बनाए रखने का रहा है, क्योंकि सैन्य जमावड़े या क्षेत्रीय विवाद उन देशों में बेचैनी पैदा करते हैं जो पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस बात से राहत मिली है कि फिलहाल तनाव कम होता दिख रहा है, और उन्हें उम्मीद है कि कूटनीति के जरिए भविष्य में स्थिरता और निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
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लचीली और विविध अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण
व्हीटली ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स ने एक मजबूत और विविध अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. पर्यटन और पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा, इस क्षेत्र ने एक प्रमुख वित्तीय सेवा केंद्र (Financial Services Centre) विकसित किया है, जहां लाखों कंपनियां पंजीकृत हैं जो वैश्विक निवेश प्रवाह को सुगम बनाती हैं.
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ता संरक्षणवाद (Protectionism) और बदलते भू-राजनीतिक गठबंधन निरंतर ध्यान देने की मांग करते हैं. उन्होंने कहा कि 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' जैसे मंच देशों को सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और पारंपरिक पश्चिमी साझेदारियों से इतर सहयोग मजबूत करने में मदद करते हैं. ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स अब भारत और एशिया में व्यापार मिशन (Trade Missions) भेजने की योजना बना रहा है और नए बाजारों से लंबी दूरी के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का विस्तार भी कर रहा है.
मिशेल ने कहा कि कैरेबियाई राष्ट्र अब विदेशी सहायता पर निर्भर रहने के बजाय निवेश आकर्षित करने के नए और अभिनव तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, ग्रेनाडा के 'निवेश प्रवास कार्यक्रम' (Investment Migration Programme) ने देश को आर्थिक और जलवायु झटकों, जैसे कि तूफान और कोविड-19 महामारी, को बिना किसी गंभीर वित्तीय तनाव के संभालने में मदद की है.
स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी में विकास के नए क्षेत्र
मिशेल ने स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा को उभरते हुए विकास क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया. ग्रेनाडा में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मेडिकल और पशु चिकित्सा स्कूल है जो दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित करता है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है. इसके साथ ही, मेडिकल टूरिज्म (चिकित्सा पर्यटन) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक उन्नत शिक्षण और अनुसंधान अस्पताल बनाने की योजना भी चल रही है.