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शॉर्ट ट्रिप्स बनीं Gen-Z की पहली पसंद, जानें क्यों युवाओं में खत्म हुआ लंबी छुट्टियों का क्रेज

Gen-Z के लिए ट्रैवल अब सिर्फ छुट्टियां बिताने का तरीका नहीं, बल्कि अपनी पसंद और रिश्तों को जीने का जरिया बन गया है. Airbnb की नई रिपोर्ट बताती है कि युवा लंबी छुट्टियों की बजाय छोटी-छोटी ट्रिप्स, अनोखे अनुभवों और दोस्तों-परिवार के साथ बिताए गए समय को ज्यादा महत्व दे रहे हैं.

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Gen-Z ट्रैवल ट्रेंड (Photo-ITG)
Gen-Z ट्रैवल ट्रेंड (Photo-ITG)

आज की Gen-Z के लिए ट्रैवल सिर्फ घूमने-फिरने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह उनकी पहचान और लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है. यही वजह है कि वे पारंपरिक ट्रैवल ट्रेंड्स से हटकर अपने हिसाब से ट्रैवल की प्लानिंग कर रहे हैं. युवा अब साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाने के बजाय कई छोटी-छोटी ट्रिप्स पर जाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

वे ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं, जहां उन्हें नए अनुभव मिल सकें, दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिले और यात्रा उनकी पसंद के मुताबिक खास महसूस हो. हाल ही में आई Airbnb की एक रिपोर्ट में Gen-Z के ट्रैवलिंद से जुड़े ऐसे ही कई दिलचस्प ट्रेंड्स सामने आए हैं जो दिखाते हैं कि यह जनरेशन ट्रैवल को किस नजरिए से देखती है.

लंबी छुट्टी का चलन अब पड़ रहा फीका
कई सालों तक भारतीयों के लिए छुट्टियों का मतलब साल में एक लंबी ट्रिप प्लान करना हुआ करना होता था, जिसकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती थी. लेकिन अब Gen-Z इस सोच को बदल रही है. Airbnb की रिपोर्ट मुताबिक, 10 में से 7 Gen-Z युवा एक बड़ी छुट्टी की बजाय साल में तीन छोटी ट्रिप्स करना पसंद करते हैं. वहीं, ज्यादातर युवा एक हफ्ते से कम समय की ट्रैवलिंग को प्राथमिकता देते हैं. उनके लिए ट्रैवल अब महीनों पहले प्लान की जाने वाली एक्टिविटी नहीं, बल्कि अचानक बने वीकेंड प्लान, दोस्तों के साथ घूमने या डेली लाइफ से ब्रेक लेने का तरीका बन गया है.

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ट्रैवल से झलकती है उनकी पहचान
रिपोर्ट के अनुसार, 87 फीसदी युवाओं का मानना है कि उनका ट्रैवल करने का तरीका उनकी पर्सनालिटी और पहचान को दिखाता है. यही वजह है कि वे ऐसी जगहों और ठहरने के ऑप्शंस को चुनते हैं जो उनकी पसंद और रुचियों से मेल खाते हों. 95 फीसदी युवा चाहते हैं कि उनकी हर यात्रा अलग और खास महसूस हो. दिलचस्प बात यह है कि 90 फीसदी Gen-Z ऐसे डेस्टिनेशन तलाश में रहते हैं जो सोशल मीडिया पर ज्यादा वायरल न हुए हों. उनके लिए कोई जगह कितना फेमस है, यह मायने नहीं रखता, बल्कि वहां मिलने वाला एक्सपीरियंस ज्यादा मायने रखता है.

होटल नहीं, घर जैसा मौहोल है पसंद
Gen-Z ट्रैवल के दौरान रहने की जगह को भी काफी महत्व दे रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, 63 फीसदी युवाओं ने किसी डेस्टिनेशन को सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि वहां की रहने की व्यवस्था उन्हें पसंद आई. ग्रुप में ट्रैवल करने वाले आधे से ज्यादा युवा अलग-अलग होटल कमरों की बजाय एक ही घर में ठहरना पसंद करते हैं. उनके लिए दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना, लंबी बातचीत करना और साथ में मिलकर खाना बनाना ट्रैवलिंग के दौरान सबसे यादगार पलों में से एक है.

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लोगों के साथ बिताया समय सबसे अहम
रिपोर्ट बताती है कि 4 में से 3 Gen-Z यात्रियों के लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वे किसके साथ यात्रा कर रहे हैं, बजाय इसके कि वे कहां जा रहे हैं. दोस्त उनके पसंदीदा ट्रैवल पार्टनर हैं, जबकि परिवार दूसरे स्थान पर आता है.

बिना प्लान ट्रैवल करना है ज्यादा पसंद
आज के युवा हर मिनट का शेड्यूल बनाकर घूमना पसंद नहीं करते. 64 फीसदी Gen-Z जानबूझकर अपनी यात्रा के कुछ हिस्सों की योजना नहीं बनाते ताकि वे नई जगहों और अनुभवों को खुद तलाश सकें. नेचर के बीच समय बिताना, स्थानीय खानपान का आनंद लेना, आराम करना और एडवेंचर एक्टिविटीज में हिस्सा लेना उनकी पसंदीदा एक्टिविटीज में शामिल हैं.

रिपोर्ट से साफ है कि Gen-Z के लिए ट्रैवल अब सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि खुद को जानने, नए अनुभव हासिल करने और अपनों के साथ यादगार पल बिताने का जरिया बन गया है.

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