तुर्कमान गेट (Turkman Gate) यह शाहजहानाबाद नाम के मशहूर शहर के दरवाजों में से एक है, जिसे मुगल बादशाह शाहजहां ने 1683 ईस्वी में अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली शिफ्ट करते समय बनवाया था. इस दरवाजे को तुर्कमान गेट कहा जाता है क्योंकि यह मुगल काल के एक संत शाह तुर्कमान की कब्र के पास है. हर साल उनकी बरसी पर पास में एक मेला लगता है.
यह गेट आयताकार है. यह दो बे गहरा है, पहले बे पर सपाट छत है जबकि दूसरे बे पर गुंबद वाली छत है. सबसे दक्षिणी ओपनिंग के दोनों तरफ अर्ध-अष्टकोणीय दो मंजिला बुर्ज हैं. गेट में तीन मेहराबदार ओपनिंग हैं, जिनमें बाहरी सिरों पर डबल मेहराब हैं. फिलहाल शहर की दीवार के कोई निशान नहीं बचे हैं.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पिछले महीने हुई हिंसा के मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है. दिल्ली की एक अदालत ने इस केस में गिरफ्तार सभी 12 आरोपियों को जमानत दे दी है. इसे दिल्ली पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
तुर्कमान गेट हिंसा मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर दिल्ली की अदालत ने बड़ा कदम उठाया है. पत्थरबाजी और पुलिस पर हमले के आरोप झेल रहे आठ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत ने साफ किया है कि इस संवेदनशील मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही निर्णय दिया जाएगा.
हाईकोर्ट ने 20 जनवरी को सत्र अदालत द्वारा दी गई जमानत को पर्याप्त कारणों के अभाव में रद्द करते हुए मामला दोबारा विचार के लिए सत्र अदालत को वापस भेज दिया. हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जमानत के समर्थन में पेश किए गए दस्तावेजों का संतोषजनक सत्यापन नहीं किया गया.
तुर्कमान गेट हिंसा मामले में दिल्ली की अदालत ने पांच आरोपियों की जमानत पर फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने दो नए आरोपियों को आठ दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है. सुनवाई के दौरान पुलिस, बचाव पक्ष और कस्टोडियल वायलेंस के आरोपों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों फहीम उर्फ सानू और मोहम्मद शहजाद को गिरफ्तार किया है. इसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या अब 18 हो गई है. यह हिंसा मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के नजदीक उस समय भड़की, जब एमसीडी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी.
बहस बाजीगर में आज भारत में अतिक्रमण और धर्म के बीच के सवाल पर चर्चा हुई. विषय था कि क्या अतिक्रमण करने वालों का धर्म होता है. विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी. कई वक्ताओं ने कहा कि अतिक्रमण कानून और व्यवस्था का विषय है और इसका धर्म से कोई लेना देना नहीं है. दूसरी ओर आरोप भी लगाए गए कि राजनीतिक पार्टियां इसे वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करती हैं. देखें बहस बाजीगर.
तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अब हत्या की कोशिश की धारा भी जोड़ दी है. इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
दिल्ली में तुर्कमान गेट हिंसा के मामले में पुलिस ने संदिग्ध महिला ऐमन रिजवी की तलाश शुरू कर दी है. यह महिला सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए जानी जाती है और उसके कई फॉलोवर्स हैं. दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर पत्थरबाजी के सबूत जुटाए हैं. 400 से अधिक वीडियो जांचने के बाद पुलिस ने 30 से ज्यादा आरोपियों की पहचान कर ली है और अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, अभी भी हिंसा भड़काने में शामिल यूट्यूबर सलमान समेत कई संदिग्ध फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है.
तुर्कमान गेट हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की पहचान की है. चार के नाम सामने आए हैं, जिन पर भड़काऊ पोस्ट डालने का आरोप है. पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. एमसीडी की डिमोलिशन ड्राइव के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए.
तुर्कमान गेट उपद्रव के बाद आज पहला शुक्रवार है और दिल्ली पुलिस पूरी सावधानी बरत रही है. फैज ए इलाही मस्जिद और अन्य मस्जिदों पर सुरक्षा निगरानी काफी बढ़ा दी गई है. भीड़ इकठ्ठा करने की अनुमति नहीं दी गई है और सीमित लोगों को ही नमाज पढ़ने की इजाजत है. पुलिस की यह कड़ी चूंकि हालात संवेदनशील हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता जरूरी है.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुए बुलडोजर कार्रवाई और बवाल से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दावा किया है कि भ्रामक दावों और व्हाट्सएप ऑडियो के जरिए भीड़ को उकसाया गया था.
दिल्ली में हुई हिंसा अब सिर्फ पत्थरबाजी का मामला नहीं रह गई है. पुलिस जांच में सामने आया है कि अफवाह, सोशल मीडिया और सुनियोजित उकसावे के जरिए माहौल भड़काया गया. 400 से ज्यादा वीडियो, 30 से अधिक संदिग्ध और 11 गिरफ्तारियां इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि हिंसा के पीछे एक गहरी साजिश रची गई थी.
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फैज़ इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने गए पुलिस दल पर भीड़ ने पत्थरबाजी की, जिससे सियासी विवाद खड़ा हो गया है. पुलिस ने चार सौ से अधिक वीडियो खंगाले हैं और तीन दशक से ज्यादा आरोपियों की पहचान की गई है. ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन यूट्यूबर सलमान समेत कई आरोपी अभी भी फरार हैं.
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फैज़ इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने पत्थरबाजी की. पुलिस ने अब तक ग्यारह पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है और तीस से ज्यादा आरोपियों की पहचान की है. भीड़ को भड़काने में सोशल मीडिया का बड़ा रोल सामने आया है, खासकर यूट्यूबर सलमान पर आरोप हैं. दिल्ली पुलिस हिंसा फैलाने वाले व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की तलाश कर रही है. मामले में कई विपक्षी नेता और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में हैं.
दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास हुई हिंसा पर पूरा देश अब तक हैरान है. देश की राजधानी में पुलिसवालों पर ऐसे हमले का दुस्साहस कैसे हुआ? वो पत्थरबाज किनके इशारे पर काम कर रहे थे? कुछ ही मिनटों में पुलिस पर इतना तालमेल वाला हमला कैसे हुआ, ये वो सारे सवाल हैं जो पुलिस को मथ रहे हैं, और इसीलिए दिल्ली की इस हिंसा में गहरी साजिश की आशंका और बड़ी हो गई हैै. पुलिस लगभग 450 वीडियो को स्कैन कर रही है, उनमें से कुछ नए वीडियोज आजतक के पास भी हैं.
दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा अब बड़े साजिश की ओर इशारा कर रही है. पुलिस पर पथराव, अफवाहों की बाढ़ और सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाने के आरोपों के बीच अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की परतें गहरी होती जा रही हैं.
हिंसा और पत्थरबाजी के आरोप में अब तक 11 लोगों (एक नाबालिग सहित) को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने ऐसे 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने घटना वाली रात भ्रामक जानकारियां साझा की थीं. इन सभी को समन भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया है.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाल ही में पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस इस हिंसा के पीछे साजिश के इरादे की जांच में लगी है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमों ने सभी वीडियो फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि सच सामने आ सके. देखें 6-7 जनवरी की रात, तुर्कमान गेट पर मचे बवाल के वो 9 घंटे की पूरी कहानी...
नई दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की घटना के बाद से डीसीपी निधिन वाल्सन चर्चा में हैं. उनके नेतृत्व में पुलिस बल ने स्थानीय विरोध और पथराव के बावजूद कानून व्यवस्था बनाए रखी. कैंसर को हराकर पुलिस फोर्स में वापसी करने वाले निधिन वाल्सन ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक संभाला.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माण पर एक्शन के दौरान हुए पथराव के मामले में ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हो गया है. पुलिस ने पांच उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है जबकि पचास लोगों की पहचान की गई है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी पुलिस की नज़र है. पुलिस के मुताबिक पथराव करने वालों में कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे. मंगलवार की रात भीड़ अचानक आक्रोशित हुई थी या फिर ये एक साजिश थी इसकी भी जांच की जा रही है.
हम देश के उन पत्थरबाजों के बारे में जानकारी देंगे जो अलग-अलग राज्यों में पत्थरबाजी की घटनाओं को अंजाम देते हैं और जिन घटनाओं में एक समान पैटर्न नजर आता है. संभल, बरेली, जयपुर और दिल्ली के उदाहरण इस पैटर्न को स्पष्ट करते हैं. हर जगह कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद के आसपास के अवैध कब्जे हटाने के लिए बुलडोजर पहुंचे तो पत्थरबाज हिंसा भड़काने लगे. तुर्कमान गेट दिल्ली जैसे ऐतिहासिक इलाके में भी इसी तरह की घटना हुई जहां बुलडोजर ने महज अवैध कब्जों को हटाया और मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. इसके बावजूद अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई. इस वीडियो में हम इसी पैटर्न को उजागर करते हैं और देश में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति पर गौर करते हैं.