टूना (Tuna Fish) समुद्र में पाई जाने वाली मछलियों का एक समूह है. यह मैकेरल परिवार से संबंधित है. इस समूह को वैज्ञानिक रूप से थुन्निनी कहा जाता है. टूना की कुल 15 प्रजातियां हैं, जो पांच अलग-अलग वंशों में विभाजित हैं. ये मछलियां मुख्य रूप से गर्म समुद्री क्षेत्रों में पाई जाती हैं. दुनिया के कई देशों में टूना का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है.
टूना मछली के आकार और वजन में काफी अंतर पाया जाता है. बुलेट टूना इस समूह की छोटी प्रजातियों में शामिल है, जिसकी अधिकतम लंबाई लगभग 50 सेंटीमीटर और वजन करीब 1.8 किलोग्राम होता है. दूसरी ओर, अटलांटिक ब्लूफिन टूना सबसे बड़ी प्रजातियों में गिनी जाती है. इसकी लंबाई लगभग 4.6 मीटर और वजन 684 किलोग्राम तक दर्ज किया गया है. इस प्रजाति की औसत लंबाई करीब दो मीटर होती है.
टूना का शरीर लंबा और आगे से पीछे की ओर पतला होता है. इसके शरीर की बनावट समुद्र में तैरने के अनुकूल होती है. इसकी पीठ का रंग आमतौर पर गहरा नीला होता है, जबकि पेट की ओर का हिस्सा चांदी जैसा दिखाई देता है. इसके शरीर पर दो पृष्ठीय पंख होते हैं. पूंछ के पास छोटे पंखों की एक कतार होती है. इसकी पूंछ का आकार अर्धचंद्र जैसा होता है. शरीर की यह बनावट इसे पानी में तेजी से आगे बढ़ने में सहायता करती है.
टूना उन चुनिंदा मछलियों में शामिल है, जो अपने शरीर का तापमान आसपास के पानी से अधिक बनाए रख सकती हैं. यह समुद्र में रहने वाली शिकारी मछली है और छोटी मछलियों सहित अन्य समुद्री जीवों को भोजन के रूप में ग्रहण करती है.
व्यावसायिक मछली पकड़ने के क्षेत्र में टूना का महत्वपूर्ण स्थान है. इसका मांस कई देशों में ताजा, डिब्बाबंद और विभिन्न खाद्य उत्पादों के रूप में बेचा जाता है. जापान में भी टूना का इस्तेमाल कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है.
हालांकि, टूना की कुछ प्रजातियों पर जरूरत से ज्यादा मछली पकड़ने का दबाव है. दक्षिणी ब्लूफिन टूना ऐसी ही प्रजातियों में शामिल है, जिसके संरक्षण को लेकर चिंता जताई जाती रही है. समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी भूमिका और व्यावसायिक मांग के कारण टूना का संरक्षण महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है.