तिलापिया मछली (Tilapia Fish) मीठे पानी में पाई जाने वाली मछलियों का एक समूह है. यह अपने तेजी से विकास, आसानी से पालन और खाने में उपयोग के कारण दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है. इसका वैज्ञानिक वर्गीकरण सिक्लिडे (Cichlidae) परिवार में किया जाता है. तिलापिया की कई प्रजातियां हैं, जिनमें नाइल तिलापिया व्यावसायिक पालन के लिए प्रमुख है.
तिलापिया का मूल निवास अफ्रीका और आसपास के कुछ क्षेत्रों में है. हालांकि, अब इसे एशिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में पाला जाता है. यह मछली तालाबों, झीलों, जलाशयों और नदियों के किनारे के शांत पानी में रह सकती है. इसकी कुछ प्रजातियां अलग-अलग स्तर के खारे पानी में भी जीवित रह सकती हैं.
तिलापिया का शरीर दोनों तरफ से चपटा होता है. इसका रंग प्रजाति के अनुसार धूसर, काला, भूरा या हल्का सुनहरा हो सकता है. यह मुख्य रूप से शैवाल, जलीय पौधों, छोटे जलीय जीवों और अन्य जैविक पदार्थों को खाती है. मछली पालन के दौरान इसे तैयार आहार भी दिया जाता है.
तिलापिया मछली की एक प्रमुख विशेषता तेजी से बढ़ना और आसानी से प्रजनन करना है. यही कारण है कि इसका पालन छोटे तालाबों से लेकर बड़े व्यावसायिक मछली फार्मों तक में किया जाता है. हालांकि, इसका अनियंत्रित प्रजनन तालाब में मछलियों की संख्या बढ़ा सकता है, जिससे उनके आकार और विकास पर असर पड़ता है. इसलिए इसके पालन में प्रजनन और पानी की गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है.
तिलापिया का मांस हल्का स्वाद वाला और कम कांटों के कारण कई लोगों के बीच पसंद किया जाता है. इसे तलकर, भूनकर या अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है. इसके मांस में प्रोटीन पाया जाता है.
आज तिलापिया दुनिया की प्रमुख पाली जाने वाली मछलियों में शामिल है. इसकी कम लागत में खेती की संभावना और बाजार में मांग के कारण मत्स्य पालन के क्षेत्र में इसका महत्वपूर्ण स्थान है.