रैपरिया बालम (Rapperiya Baalam) राजस्थान के जयपुर में रहने वाले रैपर, गीतकार, संगीतकार और संगीत निर्माता हैं. उनका असली नाम अशोक मांडा बिश्नोई है. उनका जन्म 4 फरवरी 1992 को राजस्थान के डाबला गांव में हुआ था. यह गांव रायसिंहनगर क्षेत्र में स्थित है. उनका संबंध बिश्नोई जमींदार परिवार से है. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रायसिंहनगर में पूरी की. इसके बाद वर्ष 2006 में वे आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर आ गए.
अशोक मांडा को संगीत में रुचि थी. वर्ष 2012 में उन्होंने कीबोर्ड और पियानो सीखना शुरू किया. आगे चलकर उन्होंने रैप और राजस्थानी लोक संगीत को मिलाकर गाने तैयार करने शुरू किए. इसी दौरान उन्होंने रैपरिया बालम नाम से अपनी पहचान बनाई.
वर्ष 2014 में उनका गाना म्हारो राजस्थान रिलीज हुआ. इस गाने में लोक संगीत और हिप-हॉप का मिश्रण था. इसमें गायक स्वरूप खान ने भी अपनी आवाज दी थी. इस गाने के बाद रैपरिया बालम को संगीत जगत में पहचान मिलने लगी. इसके बाद उन्होंने कई अन्य गानों पर काम किया.
उनके चर्चित गानों में हरियाला बन्ना, जयपुर एंथम, देस पधारो सा और दिल मेरे शामिल हैं. वर्ष 2016 में उन्होंने हरियाला बन्ना पर काम किया. इस गाने को रवींद्र उपाध्याय और कमल चौधरी ने गाया था. रैपरिया बालम ने गीतकार कुनाल वर्मा के साथ भी काम किया है. दोनों ने गायक रवींद्र उपाध्याय के साथ देस पधारो सा गाने पर काम किया. इसके अलावा उन्होंने संगीतकार मोहित गौर के साथ फिर दिल से पुकार तू गाना भी तैयार किया.
साल 2018 में रैपरिया बालम स्वैगस्थान नाम के संगीत समूह के साथ इंडियाज गॉट टैलेंट के आठवें सीजन में नजर आए. इस समूह में रवींद्र उपाध्याय, सुमेर डांगी और सौरभ परिहार भी शामिल थे. इस कार्यक्रम में समूह ने अपनी प्रस्तुति दी.
रैपरिया बालम के संगीत से जुड़े काम में राजस्थानी लोक धुनों और आधुनिक संगीत का मेल देखने को मिलता है. उनके गानों में राजस्थान की संस्कृति, स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय संगीत से जुड़े विषय शामिल रहे हैं. शूरवीर सीरीज के पहले, दूसरे और तीसरे भाग के साथ शूरवीर संभाजी महाराज गाने भी उनके चर्चित संगीत कार्यों में गिने जाते हैं. इन गानों के माध्यम से उनका नाम राजस्थानी संगीत और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित गीतों के श्रोताओं के बीच भी सामने आया है.