पेशावर (Peshawar) पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी है और यह देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक शहरों में से एक है. यह शहर अपनी सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक महत्व और रणनीतिक स्थिति के लिए जाना जाता है. अफगान सीमा के नजदीक स्थित यह शहर भारत, मध्य एशिया और अफगानिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है.
पेशावर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है. इसे प्राचीन काल में "पुरुषपुर" के नाम से जाना जाता था और यह गंधार सभ्यता का केंद्र था. यह शहर मौर्य साम्राज्य, कुषाण वंश, हून, मुगल और ब्रिटिश राज का हिस्सा रह चुका है. सम्राट कनिष्क के काल में यह एक प्रमुख बौद्ध केंद्र था, जहां कई बौद्ध स्तूप और मठ स्थापित किए गए थे.
पेशावर की गलियों में इतिहास जीवंत रूप में महसूस किया जा सकता है. यहां स्थित महाबोधि विहार, गोर खत्री, बाला हिसार किला, और स्मिथसनियन संग्रहालय जैसी ऐतिहासिक जगहें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं. पेशावर का क़िस्सा ख़्वानी बाजार न केवल व्यापार के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह साहित्य, राजनीति और सामाजिक संवादों का भी केंद्र रहा है.
यहां की प्रमुख भाषा पश्तो है, लेकिन उर्दू और हिंदी बोलने वाले भी यहां पाए जाते हैं. पेशावर के लोग अपनी मेहमाननवाजी और दिलदारी के लिए प्रसिद्ध हैं. यह शहर पठान संस्कृति का गढ़ है, जिसमें पारंपरिक पहनावे, नृत्य और खानपान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं.
वर्तमान में पेशावर पाकिस्तान का एक महत्वपूर्ण शहरी और प्रशासनिक केंद्र है. हालांकि पिछले कुछ दशकों में यह शहर आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता से प्रभावित हुआ है, फिर भी यहाँ की जनता ने साहस और धैर्य से परिस्थितियों का सामना किया है. शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुधार के प्रयास लगातार जारी हैं.
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ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस की मरम्मत अभी चल ही रही थी... कि अफगान तालिबान ने फिर हमला कर दिया. बेस की हालत अब बेहाल हो गई है. अफगान सेना ने नूर खान के अलावा क्वेटा के 12वीं डिवीजन मुख्यालय, मोहमंद के ख्वाजाई कैंप और पेशावर एयरबेस पर भी हमले किए. पाकिस्तान की सेना दो मोर्चों पर जूझ रही है.
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