Meta Smart Glasses या आम बोलचाल में “मेटा ग्लास” ऐसे स्मार्ट चश्मे होते हैं जिनमें नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हें Meta Platforms ने बनाया है. यह वही कंपनी है जो Facebook, Instagram और WhatsApp जैसी लोकप्रिय ऐप्स चलाती है.
मेटा ग्लास देखने में बिल्कुल सामान्य चश्मे जैसे लगते हैं, लेकिन इनके अंदर कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर और स्मार्ट फीचर्स लगे होते हैं. इनकी मदद से आप फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं, म्यूजिक सुन सकते हैं और फोन से जुड़े कई काम आसानी से कर सकते हैं.
मेटा ग्लास में छोटा कैमरा लगा होता है, आप सिर्फ एक बटन दबाकर या वॉइस कमांड देकर फोटो और वीडियो बना सकते हैं. इसमें छोटे स्पीकर लगे होते हैं, जिनसे आप म्यूजिक सुन सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं. इसके लिए आपको अलग से ईयरफोन लगाने की जरूरत नहीं होती. मेटा ग्लास सीधे सोशल मीडिया से जुड़ सकते हैं. आप फोटो या वीडियो रिकॉर्ड करके तुरंत Facebook या Instagram पर शेयर कर सकते हैं. इन चश्मों में वॉइस असिस्टेंट होता है. आप बोलकर भी कई काम कर सकते हैं, जैसे फोटो लेना या म्यूजिक चलाना.
मेटा ग्लास तकनीक और रोजमर्रा की जिंदगी को जोड़ने का एक नया तरीका हैं. इससे लोग अपने अनुभवों को आसानी से रिकॉर्ड कर सकते हैं और दोस्तों के साथ तुरंत साझा कर सकते हैं.
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ऐसे स्मार्ट ग्लास और भी उन्नत होंगे. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसे फीचर भी जोड़े जा सकते हैं, जिससे ये और ज्यादा उपयोगी बन जाएंगे.
मेटा अब फिर से कुछ लोगों की नौकरी पर तलवार चलाने जा रही है. दरअसल, मेटा एक आउटसोर्सिंग फर्म के साथ मिलकर काम करती है, जो केन्या स्थित लोगों के साथ मिलकर मेटा के डेटा का रिव्यू करते हैं. इसमें स्मार्ट ग्लास द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो और इमेज पर लेबलिंग करनी होती है.
पांच साल पहले मार्क जकरबर्ग के एक फैसले ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया. मेटावर्स को लेकर वो इतने उत्साहित हुए कि कंपनी का नाम ही बदल डाला. 6.5 लाख करोड़ तक का निवेश किया गया. लेकिन अब ये सपना टूटता दिख रहा है. आइए समझते हैं आखिर कंपनी और जकरबर्ग से चूक कहां हो गई.
Meta RayBan स्मार्ट ग्लासेज दुनिया भर में काफी पॉपुलर हैं. इसे कंपनी ने भारत में भी लॉन्च कर दिया है. एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल बताया गया है कि इससे रिकॉर्ड किए गए फुटेज कंपनी के इंप्लॉइज देखते हैं.
फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta को अमेरिका में मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है. Meta Glasses से रिकॉर्ड किए गए वीडियो को एनालाइजिंग का काम कुछ कर्मचारी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने आम लोगों के बाथरूम तक के वीडियो देखे हैं. जबकि कंपनी इसकी प्राइवेसी को लेकर बड़े-बड़े वादे करते हैं. जानते हैं इसके बारे में.
Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. आरोप है कि डिवाइस से रिकॉर्ड वीडियो को कॉन्ट्रैक्टर कर्मचारियों ने एनालाइज किया, जिनमें कुछ प्राइवेट मोमेंट्स भी शामिल थे. मामले को लेकर Meta के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज हुआ है.