मनस्वी वशिष्ठ (Manasvi Vashishtha) दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात अधिकारी हैं. वह दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (दानिप्स) के अधिकारी हैं. 2 नवंबर 2026 में दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बाद वह चर्चा में आए. दिल्ली पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के बाद की गई.
मनस्वी वशिष्ठ मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं. उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से पुलिस सेवा में प्रवेश किया.
दिल्ली पुलिस में तैनाती के दौरान मनस्वी वशिष्ठ शाहदरा जिले के गांधीनगर उपमंडल में उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के पद पर कार्यरत थे. 28 अक्टूबर 2026 को उनका तबादला विशेष पुलिस इकाई महिला एवं बच्चों (एसपीयूडब्ल्यूएसी) में कर दिया गया.
उनका नाम शाहदरा पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुए विवाद से जुड़ा. 23 अक्टूबर को एक वकील को गंभीर चोट लगने के बाद वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी. वकीलों ने मनस्वी वशिष्ठ पर पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोप लगाए. हालांकि, इन आरोपों को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से अलग पक्ष भी सामने आया.
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ पर वकीलों को कथित रूप से धमकाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है. वकीलों ने एसीपी की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया, जिसमें AK-47 जिक्र और वकीलों को काले कोट के गुंडे कहने की बात शामिल है.
दिल्ली पुलिस ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के बाद की गई है. इससे पहले महिला पुलिसकर्मियों समेत दिल्ली पुलिस के करीब 150 जवानों ने प्रदर्शन किया था.