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खिचड़ी

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खिचड़ी (Khichdi) भारत के सबसे पुराने और पारंपरिक व्यंजनों में से एक है. इसे देश के लगभग हर राज्य में अलग-अलग तरीके से बनाया और खाया जाता है. खिचड़ी मुख्य रूप से चावल और दाल को एक साथ पकाकर तैयार की जाती है. कई जगह इसमें सब्जियां, मसाले, घी या अन्य सामग्री भी मिलाई जाती है. अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी रेसिपी और स्वाद में थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है.

भारत के कई हिस्सों में खिचड़ी रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा है. यह घरों के अलावा धार्मिक आयोजनों, सामुदायिक भोज और कई पारंपरिक अवसरों पर भी बनाई जाती है. अलग-अलग राज्यों में इसे स्थानीय परंपराओं और उपलब्ध सामग्री के अनुसार तैयार किया जाता है. कहीं मूंग दाल का उपयोग होता है तो कहीं मसूर, अरहर या दूसरी दालों से भी इसे बनाया जाता है.

खिचड़ी बनाने की प्रक्रिया सामान्य होती है. सबसे पहले चावल और दाल को साफ करके धोया जाता है. इसके बाद इन्हें पानी के साथ पकाया जाता है. कई लोग इसमें हल्दी, जीरा, अदरक या अन्य मसाले डालते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर इसे बिना मसालों के भी तैयार किया जाता है. कई बार इसमें आलू, मटर, गाजर, फूलगोभी, टमाटर या अन्य मौसमी सब्जियां भी मिलाई जाती हैं.

भारत के अलग-अलग राज्यों में खिचड़ी के कई प्रकार प्रचलित हैं. पश्चिम बंगाल में इसे अलग अंदाज में बनाया जाता है, जबकि गुजरात में मसालों और सब्जियों के साथ बनने वाली खिचड़ी लोकप्रिय है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी इसकी अलग-अलग शैली देखने को मिलती है. हर क्षेत्र में स्थानीय स्वाद और परंपरा के अनुसार इसकी रेसिपी बदल जाती है.

खिचड़ी के साथ कई तरह की चीजें परोसी जाती हैं. इसमें दही, अचार, पापड़, घी, चटनी, कढ़ी या सब्जी शामिल हो सकती हैं. अलग-अलग परिवार अपनी पसंद के अनुसार इसके साथ परोसे जाने वाले व्यंजन तय करते हैं.

समय के साथ खिचड़ी केवल घरों तक सीमित नहीं रही है. आज यह रेस्तरां, होटल, कैफे और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के मेन्यू में भी शामिल है. कई जगह पारंपरिक खिचड़ी के साथ-साथ अलग-अलग अनाज, दालों और सब्जियों से तैयार की जाने वाली नई किस्में भी उपलब्ध हैं.
 

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