केवल सिंह ढिल्लों (Kewal Singh Dhillon) पंजाब से एक राजनीतिज्ञ हैं. भारतीय जनता पार्टी ने 28 मई 2026 को केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे पूर्व कांग्रेस नेता हैं.
उनका जन्म 16 मई 1950 को पंजाब के बरनाला जिले के तललेवाल गांव में हुआ था. शुरुआती शिक्षा उन्होंने बरनाला में ही प्राप्त की और उनका पालन-पोषण भी इसी इलाके में हुआ.
राजनीतिक जीवन की बात करें तो केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. वे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. साल 2012 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बरनाला विधानसभा सीट से चुनाव जीता और 2012 से 2017 तक विधायक (MLA) रहे.
2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से बरनाला सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार उन्हें आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मीत हयर से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने संगरूर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी उन्हें जीत नहीं मिल सकी. इस चुनाव में भी उनकी हार आम आदमी पार्टी के नेता मीत हेयर के खिलाफ हुई.
कांग्रेस में लंबे समय तक रहने के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने जून 2022 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. उन्होंने 4 जून 2022 को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में बीजेपी की सदस्यता ली. इस दौरान पंजाब के कई अन्य बड़े नेता भी बीजेपी में शामिल हुए थे, जिनमें राज कुमार वेरका, बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़ और सुंदर शाम अरोड़ा शामिल थे.
केवल सिंह ढिल्लों का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू होकर बीजेपी तक पहुंचा है. बरनाला और संगरूर जैसे इलाकों की राजनीति में उनका नाम लंबे समय से जुड़ा रहा है. पंजाब की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने अलग-अलग दौर में अपनी राजनीतिक भूमिका निभाई है.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को जी5 से दो दिन बाद भारत में हटा दिया गया. इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में भारी विवाद छिड़ गया है. कई राजनीतिक दलों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है और फिल्म को तुरंत बहाल करने की मांग की है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वीडियो क्लेरिफिकेशन पर पंजाब के बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का कहना है कि अकाल तख्त साहिब सर्वोच संस्था है, महाराजा रणजीत सिंह को भी अकाल तख्त पर तलब किया गया था क्या पंजाब के CM उनसे भी ऊपर हो गए है ? CM को अकाल तख्त के आदेश को ज्यूँ का त्यूँ मान माफ़ी माँगनी चाहिए, इस्तीफ़ा देना चाहिए.
नितिन नवीन ने जिन चार राज्यों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, पंजाब में 76 साल के केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपा जाना, और दिल्ली में सरकार बनने के बाद वीरेंद्र सचदेवा की विदाई महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल की जीत के बाद नितिन नवीन के लिए अगला चैलेंज तो पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 है.
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही तीन अन्य राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं. इनमें चुनावी राज्य पंजाब भी शामिल है.
भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा में प्रदेश अध्यक्षों के बदलाव किए हैं. पंजाब में केवल सिंह ढिल्लन को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पूर्व कांग्रेस नेता और प्रभावशाली जाट सिख चेहरे हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा में प्रदेश अध्यक्षों के बड़े बदलाव किए हैं. पंजाब में पूर्व बरनाला विधायक केवल सिंह ढिल्लन को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है जबकि दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.