उत्तर प्रदेश के कानपुर में होली और रमजान से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए करोड़ों के खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई की है. विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान करीब 50 लाख रुपये मूल्य के एक्सपायर खजूर जब्त किए, जबकि भारी मात्रा में मिलावटी खोया और कटी सुपारी को मौके पर ही नष्ट करा दिया. इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ कारोबारी खराब और घटिया उत्पाद बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं. इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू किया है. अभियान के तहत फजलगंज क्षेत्र में स्थित एक थोक व्यापारी के गोदाम पर छापा मारा गया, जहां भारी मात्रा में खराब खाद्य सामग्री बरामद हुई.
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फजलगंज में छापा, एक्सपायर खजूर जब्त
जांच के दौरान अधिकारियों को करीब 10 हजार किलोग्राम खजूर मिले, जो कई साल पहले ही एक्सपायर हो चुके थे. इन खजूरों पर नए लेबल और स्टिकर लगाकर उन्हें ताजा दिखाने की कोशिश की जा रही थी, ताकि रमजान के दौरान बाजार में बेचा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.
टीम ने मौके से सभी एक्सपायर खजूर जब्त कर लिए और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. इसके साथ ही नौ खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मिलावटी खोया और सुपारी भी नष्ट
इसी अभियान के दौरान फजलगंज क्षेत्र से करीब 675 किलोग्राम मिलावटी खोया बरामद किया गया. जांच में मिलावटी पाए जाने पर इसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया. इसके अलावा मछरिया नौबस्ता इलाके से करीब दो लाख रुपये मूल्य की कटी सुपारी भी बरामद हुई, जिसे मिलावटी पाए जाने पर नष्ट कर दिया गया.
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के समय मिठाई, ड्राई फ्रूट और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने से मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं. इस कारण पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा.
उपभोक्ताओं को सावधानी बरतने की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खरीदारी के दौरान उत्पाद की एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें. किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें. अधिकारियों के अनुसार यह अभियान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और मिलावटखोरी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.