जहानाबाद (Jehanabad) बिहार राज्य का एक प्रमुख शहर और नगर परिषद है. यह जहानाबाद जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है. शहर का वर्तमान जिला स्वरूप 1 अगस्त 1986 को सामने आया, जब जहानाबाद को गया जिले से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया. इसके बाद शहर ने जिले के प्रशासनिक केंद्र के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई.
जहानाबाद बिहार के मध्य भाग में स्थित है और पटना-गया क्षेत्र के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है. शहर की भौगोलिक स्थिति इसे आसपास के कस्बो और ग्रामीण इलाको से जोडती है. यहां से पटना और गया जैसे प्रमुख शहरो तक सडक और रेल मार्ग के माध्यम से आवागमन किया जाता है.
जहानाबाद का परिवहन तंत्र मुख्य रूप से रेल और सडक मार्ग पर आधारित है. शहर पटना-गया रेल लाइन पर स्थित है और जहानाबाद रेलवे स्टेशन से नियमित रेल सेवाएं मिलती हैं. यहां से पटना, गया और आसपास के अन्य शहरो के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है. सडक मार्ग से भी जहानाबाद आसपास के कस्बो और ग्रामीण क्षेत्रो से जुडा हुआ है. पटना-गया मार्ग शहर के प्रमुख सडक संपर्को में शामिल है. हवाई यात्रा के लिए पटना स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख विकल्प है.
जहानाबाद जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि से जुडी गतिविधियो की महत्वपूर्ण भूमिका है. शहर आसपास के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के लिए व्यापारिक तथा प्रशासनिक केंद्र के रूप में काम करता है. स्थानीय बाजारो में रोजमर्रा की वस्तुओ की दुकाने, छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान और विभिन्न सेवा केंद्र संचालित होते हैं. कृषि से जुडे उत्पादो की खरीद-बिक्री और अन्य कारोबारी गतिविधिया भी स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में जहानाबाद में सरकारी और निजी संस्थान मौजूद हैं. शहर तथा आसपास के क्षेत्रो में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय और स्नातक स्तर के कॉलेज संचालित होते हैं. इसके अलावा शिक्षक प्रशिक्षण, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जुडे संस्थान भी विद्यार्थियो को शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं.
प्रशासन, परिवहन, व्यापार, शिक्षा और कृषि से जुडी गतिविधियो के कारण जहानाबाद जिले के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र के रूप में कार्य करता है.
सीतामढ़ी में हत्या के बाद हुए बवाल को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार बताया. तेजस्वी ने जहानाबाद में प्लास्टर की जगह कार्टून लगाए जाने की घटना पर भी सरकार को घेरा और कार्रवाई की मांग की.
बिहार के जहानाबाद में सड़क हादसे में घायल दो युवकों के फ्रैक्चर हुए पैरों पर प्लास्टर की जगह कार्टून का टुकड़ा बांधकर रेफर किए जाने का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया।
जहानाबाद में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सड़क हादसे में पैर टूटने के बाद दो युवकों के पैरों पर प्लास्टर की जगह कार्टून बांधकर उन्हें रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल में भी उन्हें प्लास्टर नहीं लगाया गया. तस्वीर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया और संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी किया.
जहानाबाद में DM छिरिङ वाई भूटिया का स्कूल निरीक्षण के दौरान अलग अंदाज देखने को मिला. वह मॉडल स्कूल/कन्या मध्य विद्यालय पहुंचीं और छात्रों की तरह सबसे आखिरी बेंच पर बैठ गईं. उन्होंने शिक्षक से पढ़ाने को कहा और पूरी क्लास सुनी. छात्रों से संवाद कर विषय से जुड़े सवाल भी पूछे. हालांकि, 1200 छात्रों में सिर्फ 300 की उपस्थिति देखकर वह नाराज हुईं.
जहानाबाद की DM छिरिङ वाई भूटिया का स्कूल निरीक्षण का वीडियो वायरल है. वह बच्चों के बीच आखिरी बेंच पर छात्र की तरह बैठीं और शिक्षक से कहा, ‘गुरुजी आप पढ़ाइए.’ उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
ये भयावह वारदात बिहार के जहानाबाद जिले की है. यहां एक घर में उस वक्त देवर और भाभी मौजूद थे. देवर ने खाना मांगा. भाभी ने थाली में परोसना शुरू कर दिया. भाभी के हाथ में हल्की सी मिट्टी लगी थी तो देवर विफर गया. कहासुनी शुरू हो गई और वह गुस्से में मारपीट करने लगा. इसके बाद उसने सिर धड़ से अलग कर भाभी की हत्या कर दी.
नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद बिहार के कई जिलों में छात्रों और विपक्षी दलों के प्रदर्शन हिंसक हो गए. पटना, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय और जहानाबाद में पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और हवाई फायरिंग की. इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए जिसके बाद उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी शुरू हो गई है.
चोर अब सिर्फ घर, दुकान या बैंक ही नहीं, रेलवे की हाईटेंशन बिजली लाइन तक पर हाथ साफ करने लगे हैं. बिहार के जहानाबाद में आधी रात चोरों ने 25 हजार वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन काट दी. नतीजा यह हुआ कि पटना-गया रेलखंड पर तीन घंटे तक ट्रेनों के पहिए थम गए. कई ट्रेनें रास्ते में फंस गईं, जबकि रेलवे और आरपीएफ की टीम अंधेरे में चोरों की तलाश करती रही.
जहानाबाद में दर्दनाक हादसा हो गया. जहां पुलिस के पेट्रोलिंग वाहन की चपेट में एक बच्ची आ गई. जिससे उसकी मौत हो गई. इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और पुलिस की एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी.
बिहार के जहानाबाद में एक निजी स्कूल के कैंटीन गार्ड ने 5 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कबूल किया. आरोपी ने हॉस्टल संचालक से रंजिश और उसे बदनाम करने की नीयत से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है. पुलिस मामले में 'स्पीडी ट्रायल' की मांग कर रही है, जबकि भाकपा-माले ने न्यायिक जांच की मांग की है.
जहानाबाद की 17 वर्षीय NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़ आ गया. अब मृत छात्रा के परिवार को एक बार नहीं, बल्कि दो बार धमकी भरे पत्र भेजे गए हैं. हैरानी की बात ये है कि ये सब CBI जांच के दौरान हुआ है. बीच पुलिस की शुरुआती लापरवाही भी सामने आई है. पढ़ें पूरी कहानी.
बिहार के जाहानाबाद जिले की NEET की छात्रा की मौत के बाद उसके परिवार को बार-बार जान से मारने की धमकियां मिली हैं. 14 और 17 फरवरी 2026 को परिजनों के घर धमकी भरे पर्चे फेंके गए. इस घटना के बाद परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है. इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में चिंता और सनसनी फैला दी है.
बिहार के जहानाबाद में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार ने सीबीआई जांच को खारिज करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. परिवार का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं और उन्हें दबाया जा रहा है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना जताई गई है.
1997 में बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में ऐसा खूनी नरसंहार हुआ था, जिसमें बेरहमी के साथ रणवीर सेना ने 58 दलितों की हत्या कर दी थी. मारे गए लोगों में महिलाएं और कई बच्चे भी शामिल थे. उस वारदात की कहानी आज भी लोगों को सन्न कर देती है.
बिहार में जेल ब्रेक की घटनाओं ने कई बार पुलिस और जेल प्रशासन के लिए परेशानियां खड़ी की हैं. बिहार के ऐसे मामलों को देखने पर साल 1947 से 2025 तक नक्सलवाद, बाहुबल और लापरवाही की झलक साफ नजर आती है. बिहार की क्राइम कथा में पढ़ें जेल ब्रेक की सिलसिलेवार कहानी.
आज तक की खास पेशकश 'पदयात्रा बिहार' में श्वेता सिंह जहानाबाद और अरवल पहुंचीं, जहां उन्होंने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के शासन पर जनता की राय ली. इस क्षेत्र में जहां लोग नीतीश सरकार में बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास की बात करते हैं, वहीं भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है.
अरुण कुमार अपने विवादित बयानों के लिए भी जाने जाते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री पर उनकी एक टिप्पणी की सूबे की सियासत में अक्सर चर्चा होती है, जब उन्होंने नीतीश कुमार की 'छाती तोड़ने' की बात कही थी.
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव चुनावी मौसम में एक और यात्रा पर निकलने के लिए तैयार हैं. तेजस्वी यादव 16 सितंबर को जहानाबाद से बिहार अधिकार यात्रा पर निकलेंगे.
जहानाबाद में एक महिला जेल प्रहरी का शव बुधवार को जेल के अंदर छत से लटका मिला. पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका जहानाबाद जिला जेल में तैनात थी और वह बैरक की छत से लटकी हुई मिली, जहां जेल कर्मचारी रहते थे.
मगध का इलाका बिहार की सियासत में खास मुकाम रखता है. कभी आरजेडी का गढ़ रहा मगध नीतीश कुमार की जेडीयू और एनडीए के साथ हो लिया लेकिन पिछले चुनाव में लालू की पार्टी मगध का किला बचाने में कामयाब रही थी. इस इलाके की पॉलिटिक्स पर झारखंड और बंगाल की सियासत भी असर डालती है.
बिहार में पिछले पांच दिनों में पुलिस टीम पर अररिया, मुंगेर, नवादा, पटना और जहानाबाद में 7 बार हमले हुए. इन हमले में 2 एएसआई की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.