जादवपुर (Jadavpur) दक्षिणी कोलकाता का एक प्रसिद्ध इलाका है. यह दक्षिण कोलकाता के प्रमुख जंक्शनों में से एक है. यहां स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय और कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थान इस क्षेत्र की पहचान हैं. 'जादवपुर' नाम की उत्पत्ति स्वर्गीय जादव नारायण सरकार, जो सोनारपुर के ज़मींदार थे, के नाम पर हुई थी. यह क्षेत्र सड़क और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है. कोलकाता से यह क्षेत्र 12 किलोमीटर दूर है.
जादवपुर में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अधीन दो प्रमुख शोध संस्थान स्थित हैं - भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान (Indian Institute of Chemical Biology), इसकी स्थापना वर्ष 1935 में हुई थी. केंद्रीय कांच एवं सिरेमिक अनुसंधान संस्थान (Central Glass and Ceramic Research Institute), इसकी स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी.
कलकत्ता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अधिनियम, 1980, जो 1984 में लागू हुआ था. इसके तहत कोलकाता की सीमाओं का विस्तार किया गया. इस अधिनियम के अंतर्गत साउथ सबर्बन, गार्डन रीच और जादवपुर नगरपालिकाओं को कोलकाता में शामिल कर दिया गया.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जादवपुर में आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने राष्ट्र विरोधी नारों और पोस्टरों को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ABVP के छात्रों की तारीफ करते हुए कहा कि अब जादवपुर यूनिवर्सिटी में भी राष्ट्रवादी उभार होगा. मुख्यमंत्री ने जेयू हॉस्टल की दीवारों पर लगे पोस्टरों और फिलिस्तीन समर्थक नारों पर भी आपत्ति जताई.
सयानी घोष अपने संसदीय क्षेत्र जादवपुर के बरुईपुर गई थीं, जहां हाल ही में 12 साल की एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. NCPI सांसद सयानी घोष को भी लोगों के विरोध और गुस्से का करीब करीब वैसे ही शिकार होना पड़ा, जैसे पहले तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा और अभिषेक बनर्जी हो चुके हैं.
कोलकाता के जादवपुर रेलवे स्टेशन इलाके में अवैध हॉकरों को हटाने के प्रशासनिक अभियान के दौरान भारी हिंसक झड़प हुई. सुरक्षा बलों ने बुलडोजर से अवैध दुकानों को गिराने की कोशिश की, जिससे प्रदर्शनकारी भड़क उठे और पुलिस के साथ भिड़ गए. इस झड़प में कई लोग घायल हुए और पुलिस ने CPI-M नेता सृजन भट्टाचार्य को हिरासत में लिया.