इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) किसी भी देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की रीढ़ होता है. इसमें सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली, जल आपूर्ति, डिजिटल नेटवर्क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी आधारभूत सुविधाएं शामिल होती हैं. भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश के लिए मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की पहली शर्त है.
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. भारत माला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है. सागरमाला परियोजना ने बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और समुद्री व्यापार को बढ़ावा दिया है. वहीं उड़ान योजना ने छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़कर क्षेत्रीय विकास को गति दी है.
रेल क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मेट्रो परियोजनाओं ने परिवहन को अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाया है. ऊर्जा क्षेत्र में सौर और पवन ऊर्जा पर जोर देकर भारत नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में अग्रसर है. इसके साथ ही डिजिटल इंडिया पहल ने इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है और विदेशी निवेश आकर्षित हो रहा है. हालांकि भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संतुलन और परियोजनाओं में देरी जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं.