Hindu Nav Varsh 22026 Rashifal: हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से शुरू हो चुकी है. ज्योतिष के अनुसार, इस साल के राजा गुरु और मंत्री मंगल हैं, जिसका असर देश-दुनिया और सभी राशियों पर देखने को मिलेगा. इस संवत में कई बड़े ग्रहों की स्थिति बदलने वाली है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, जून के बाद देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में जाएंगे, राहु कुंभ से मकर में प्रवेश करेंगे और केतु सिंह से कर्क में आएंगे. शनि पूरे समय मीन राशि में रहेंगे. इन ग्रहों की चाल के कारण यह साल कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस संवत का नाम ‘रौद्र’ है, जिसका प्रभाव समाज और शासन पर भी दिखाई दे सकता है. लोगों में असंतोष बढ़ सकता है और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने की आशंका है. खासकर कुछ राशियों के लिए यह समय थोड़ा सावधानी बरतने वाला रहेगा.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए इस साल शनि की साढ़ेसाती का असर बना रहेगा, इसलिए कामकाज में सतर्क रहना जरूरी है. भाग्य का साथ थोड़ा कमजोर रह सकता है और घरेलू मामलों में उलझनें बढ़ सकती हैं. हालांकि संतान से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है. इस दौरान जोखिम लेने से बचें और सोच-समझकर ही कोई बड़ा फैसला लें.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा और केतु भी आपकी राशि में रहेगा. ऐसे में सेहत का खास ध्यान रखना जरूरी होगा. अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और मानसिक तनाव भी हो सकता है. शादीशुदा जीवन में थोड़ी परेशानी आ सकती है, लेकिन प्रेम संबंधों में आप साहसिक कदम उठा सकते हैं. निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए भी यह साल थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. शनि की ढैय्या के कारण मानसिक दबाव बढ़ सकता है और काम का बोझ भी ज्यादा रहेगा. जून के बाद गुरु की कृपा कम होने से कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें.
कुंभ राशि
कुंभ राशि में राहु का प्रभाव रहने से मानसिक तनाव और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं. जून के बाद गुरु छठे भाव में आ जाएंगे, जिससे कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं. पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इस समय धैर्य बनाए रखना सबसे जरूरी होगा.
मीन राशि
मीन राशि के लिए साल की शुरुआत थोड़ी चुनौतीपूर्ण रह सकती है. शनि और मंगल की युति के कारण अचानक परेशानी या दुर्घटना के संकेत मिल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें. पुराने विवाद दोबारा सामने आ सकते हैं और पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है. कर्ज लेने से बचें और संपत्ति से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें.