हस्तिनापुर (Hastinapur) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है. यह गंगा नदी के दाहिने किनारे पर बसा हुआ है और भारतीय इतिहास, पौराणिक परंपराओं तथा धार्मिक ग्रंथों में इसका विशेष उल्लेख मिलता है. हस्तिनापुर को महाभारत काल में कुरु साम्राज्य की राजधानी बताया गया है. इसके अलावा, पुराणों और प्राचीन जैन ग्रंथों में भी इस नगर का उल्लेख मिलता है.
'हस्तिनापुर' नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है. यह दो शब्दों 'हस्तिन' और 'पुर' से मिलकर बना है. 'हस्तिन' का अर्थ हाथी और 'पुर' का अर्थ नगर होता है. इस प्रकार हस्तिनापुर का अर्थ 'हाथियों का नगर' माना जाता है. मान्यता है कि इस नगर का नाम राजा हस्ति के नाम पर रखा गया था.
हस्तिनापुर का उल्लेख केवल महाभारत तक सीमित नहीं है. वाल्मीकि रामायण में भी इस स्थान का जिक्र मिलता है. रामायण के अनुसार, गंगा नदी पार करने के बाद दूत हस्तिनापुर से होकर पश्चिम दिशा की ओर पंचाल राज्य की तरफ आगे बढ़े थे. इससे पता चलता है कि प्राचीन समय में भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल था.
हस्तिनापुर के ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने यहां खुदाई करवाई थी. वर्ष 1950 के दशक की शुरुआत में पुरातत्वविद् बी. बी. लाल के नेतृत्व में किए गए उत्खनन में कई प्राचीन अवशेष मिले. इस दौरान 'पेंटेड ग्रे वेयर' (Painted Grey Ware) नामक प्राचीन मिट्टी के बर्तनों के प्रमाण भी सामने आए. इन खोजों के आधार पर महाभारत काल और उस समय की सभ्यता से जुड़े कई ऐतिहासिक पहलुओं का अध्ययन किया गया.
हस्तिनापुर सड़क मार्ग के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है. नगर में स्थानीय बाजार, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी कार्यालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं. धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण यहां सालभर देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं.
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ गया. तेज कटान और बहाव के कारण 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के तीन हाईटेंशन टावर नदी में गिर गए. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में देखें गंगा के विकराल रूप का पूरा दृश्य.