गिरिबाला सिंह (Giri Bala Singh) मध्य प्रदेश की पूर्व जिला अदालत जज रह चुकी हैं. ट्विशा शर्मा डेथ केस में 28 मई 2026 को गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया. गिरिबाला के घर CBI टीम अचानक पहुंच गई और लगभग 6 घंटे की पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया.
गिरिबाला सिंह के दिवंगत पति सत्र न्यायाधीश थे.
हाल ही में वह भोपाल की 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मौत मामले के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई हैं. इस मामले में दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और मामले को प्रभावित करने के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
गिरिबाला सिंह ने मध्य प्रदेश में जिला अदालत में जज के रूप में काम किया था. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम (कंज्यूमर फोरम) की अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उनका कार्यकाल 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक रहा.
वह भोपाल के वकील समार्थ सिंह की मां हैं. समार्थ सिंह, ट्विशा शर्मा के पति हैं. ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. परिवार का कहना है कि ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उन पर लगातार दबाव बनाया जाता था.
इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने गिरिबाला सिंह और समार्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत एफआईआर दर्ज की. मामले में दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न की जांच की जा रही है.
भोपाल में बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर चोरी की कोशिश की गई. पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. सीबीआई जांच के बीच दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है. पढ़ें पूरी कहानी.
Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर 3 नकाबपोश चोरों ने धावा बोला। पुलिस से हाथापाई के बाद आरोपी दस्तावेज और चांदी से भरा बैग छोड़कर भागे। पूरी रिपोर्ट।
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को लेकर नई जानकारी सामने आई है. राज्य महिला आयोग के जेल निरीक्षण के दौरान वह किताब पढ़ती नजर आईं. आयोग ने स्वास्थ्य, सुविधाओं और कथित वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की भी जांच की, जबकि मामले की जांच लगातार जारी है.
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच सवालों के घेरे में हैं. भोपाल पुलिस के प्रॉपर्टी सीजर मेमो ये बता रहा है कि ट्विशा की मौत को लेकर पुलिस ने किस लापरवाही और बेपरवाह अंदाज में जांच की थी. क्या ये अनजाने में हुई भोपाल पुलिस की गलती थी या जज रही गिरिबाला सिंह का खौफ? देखें वारदात.
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है. पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां कई नए दावे और सवाल सामने आए. इससे पहले जांच एजेंसी ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन का पुनर्निर्माण किया और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी.
ठीक 20 दिन बाद एक बार फिर ट्विशा की मौत हुई. इस बार ये एक 'डमी' मौत थी. वही घर, वही छत, वैसा ही फंदा और वही दो लोग, जिन्होंने ट्विशा को फांसी के फंदे पर लटकते देखने का दावा किया था. यानी ट्विशा की सास और ट्विशा का पति. ट्विशा की कदकाठी का और ठीक उसी के वजन का एक पुतला तैयार किया गया. और उसके गले में फंदा डाला गया.
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI जांच तेज हो गई है. पूर्व जज गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ को कोर्ट ने पांच-पांच दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है. एजेंसी अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी. मामले में CCTV फुटेज, कथित सबूतों से छेड़छाड़ और घटना वाली रात की गतिविधियां जांच के केंद्र में हैं.
Twisha Sharma Death Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है. CBI अब ट्विशा के पति समर्थ और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है. मामले में CCTV फुटेज, कथित सबूतों से छेड़छाड़ और घटना वाली रात की गतिविधियां जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम कड़ी बनी हुई हैं.
जिनके हुक्म पर कभी गिरफ्तारियां हुआ करती थी, आज खुद उन्हें गिरफ्तार होना पड़ा. कभी जज रही ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को आखिरकार 16 दिन बाद सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी. इस तरह ट्विशा की मौत के मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह दोनों सीबीआई की हिरासत में हैं.
ट्विशा का परिवार इसी दिन का इंतजार कर रहा था. ट्विशा की मौत के 18 दिन बाद आखिरकार ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई ने करीब 5 घंटे की पूछताछ के बाद गिरिबाला को अरेस्ट किया.
Giribala Singh Arrested: ट्विशा मौत मिस्ट्री की जांच सीबीआई लगातार एक्शन में है. पूर्व जज गिरिबाला सिंह को एमपी हाईकोर्ट से कल देर रात झटका लगा था. हाईकोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी. जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है. टीम कई घंटों से उनके घर पर मौजूद है और पूछताछ जारी है. घर के बाहर पुलिस बल बढ़ाए जाने के बाद गिरफ्तारी की अटकलें भी तेज हो गई हैं.
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच अब और तेज हो गई है. सीबीआई ने अदालत में कई अहम तथ्य रखते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ की जरूरत बताई है. वहीं हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है और जांच पर सभी की नजर बनी हुई है.
ट्विशा की मौत का सच जानने के लिए सीबीआई की टीम ने तूफानी अंदाज में अपनी जांच शुरू कर दी है. हाईटैक मशीनों और कैसरों के साथ सीबीआई की टीम लगातार दूसरे दिन ट्विशा के ससुराल पहुंची. सीबीआई की टीम उस छत पर भी पहुंची, जहां 12 मई को ट्विशा की मौत हुई थी.
ट्विशा के केस में सीबीआई कई अहम सवालों के जवाब खोज रही है. इनमें सबसे पहला तो ये है कि ट्विशा के साथ क्या-क्या हुआ? क्या उसे घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था? इसके साथ ही उनकी सास गिरिबाला जो मामले में आरोपी भी हैं, क्या वह जांच को प्रभावित कर रही थीं.
ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेकर एक बेहद अहम सुनवाई की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को आश्वस्त किया है कि इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की कमान अब सीधे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में सौंप दी गई है. कोर्ट ने दोनों परिवार से मीडिया को बयान न देने की अपील की है.
ट्विशा शर्मा का 12 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने रविवार को दूसरा पोस्टमार्टम पूरा किया, जिसके बाद पार्थिव शरीर को भदभदा विश्राम घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान मोर्चरी के बाहर परिजन भावुक रहे. एम्स टीम और पुलिस ने सास गिरिबाला सिंह के घर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन भी किया. ट्विशा 12 मई को अपने ससुराल में मृत मिली थीं.
ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सॉलिसिटर जनरल ने इसे दहेज मृत्यु का गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कानून में आरोपी की संलिप्तता की धारणा मानी जाती है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई तय की. वहीं, बचाव पक्ष ने मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया ड्रामा का मुद्दा उठाया.
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ जांच और पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उधर ट्विशा की मौत से जुड़े सवालों पर उनके वकील भड़क गए और झल्ला पड़े.
ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री में नया मोड़ आ गया है. परिवार ने सास गिरिबाला सिंह पर मौत के बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, लोकायुक्त और AIIMS से जुड़े लोगों को फोन करने का आरोप लगाया है. वहीं ट्विशा की लाश पिछले 10 दिनों से भोपाल AIIMS के मुर्दाघर में रखी है. पढ़ें पूरी कहानी.
भोपाल के चर्चित ट्विशा मौत मामले में अब कानूनी लड़ाई तेज हो गई है. मृतका के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा है कि परिवार आज हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने और ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम की मांग को लेकर अर्जी देगा. साथ ही परिवार ने कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की भी मांग उठाई है.