गिरिबाला सिंह (Giri Bala Singh) मध्य प्रदेश की पूर्व जिला अदालत जज रह चुकी हैं. गिरिबाला सिंह के दिवंगत पति सत्र न्यायाधीश थे.
हाल ही में वह भोपाल की 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मौत मामले के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई हैं. इस मामले में दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और मामले को प्रभावित करने के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
गिरिबाला सिंह ने मध्य प्रदेश में जिला अदालत में जज के रूप में काम किया था. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम (कंज्यूमर फोरम) की अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उनका कार्यकाल 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक रहा.
वह भोपाल के वकील समार्थ सिंह की मां हैं. समार्थ सिंह, ट्विशा शर्मा के पति हैं. ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. परिवार का कहना है कि ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उन पर लगातार दबाव बनाया जाता था.
इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने गिरिबाला सिंह और समार्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत एफआईआर दर्ज की. मामले में दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न की जांच की जा रही है.
ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेकर एक बेहद अहम सुनवाई की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को आश्वस्त किया है कि इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की कमान अब सीधे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में सौंप दी गई है. कोर्ट ने दोनों परिवार से मीडिया को बयान न देने की अपील की है.
ट्विशा शर्मा का 12 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने रविवार को दूसरा पोस्टमार्टम पूरा किया, जिसके बाद पार्थिव शरीर को भदभदा विश्राम घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान मोर्चरी के बाहर परिजन भावुक रहे. एम्स टीम और पुलिस ने सास गिरिबाला सिंह के घर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन भी किया. ट्विशा 12 मई को अपने ससुराल में मृत मिली थीं.
ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सॉलिसिटर जनरल ने इसे दहेज मृत्यु का गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कानून में आरोपी की संलिप्तता की धारणा मानी जाती है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई तय की. वहीं, बचाव पक्ष ने मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया ड्रामा का मुद्दा उठाया.
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ जांच और पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उधर ट्विशा की मौत से जुड़े सवालों पर उनके वकील भड़क गए और झल्ला पड़े.
ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री में नया मोड़ आ गया है. परिवार ने सास गिरिबाला सिंह पर मौत के बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, लोकायुक्त और AIIMS से जुड़े लोगों को फोन करने का आरोप लगाया है. वहीं ट्विशा की लाश पिछले 10 दिनों से भोपाल AIIMS के मुर्दाघर में रखी है. पढ़ें पूरी कहानी.
भोपाल के चर्चित ट्विशा मौत मामले में अब कानूनी लड़ाई तेज हो गई है. मृतका के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा है कि परिवार आज हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने और ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम की मांग को लेकर अर्जी देगा. साथ ही परिवार ने कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की भी मांग उठाई है.
भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की है. परिवार ने राज्यपाल को पत्र भेजा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु का मामला दर्ज है. पुलिस जांच जारी है और मामले में पति और सास दोनों आरोपी हैं.
10 दिन पहले भोपाल में हुई ट्विशा की मौत अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गई है, बल्कि अब ये मामला सिस्टम, रसूख और जांच पर उठते सवालों का केस बन चुका है. ट्विशा का परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. इस बीच शुक्रवार को जब मीडिया ने मामले में आरोपी ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह से सवाल पूछे तो उन्होंने चुप्पी साध ली और गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कारलो जमकर बौखला उठे. देखें वीडियो.