अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में स्थित एलीफेंट बीच (Elephant Beach) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, साफ-सुथरे समुद्र तट और रोमांचक जल-क्रीड़ाओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. यह खूबसूरत बीच हैवलॉक द्वीप (अब स्वराज द्वीप) पर स्थित है और अंडमान आने वाले पर्यटकों की यात्रा सूची में एक प्रमुख आकर्षण माना जाता है (Elephant Beach, Andaman and Nicobar).
एलीफेंट बीच का नाम पुराने समय में यहां पाए जाने वाले हाथियों के कारण पड़ा. पहले जंगलों से लकड़ी ढोने के लिए हाथियों का उपयोग किया जाता था, जिनके निशान इस क्षेत्र में देखे जाते थे. आज यहां हाथी नहीं मिलते, लेकिन नाम आज भी इतिहास की याद दिलाता है. यह बीच घने जंगलों और नीले-हरे समुद्र से घिरा हुआ है, जो इसे बेहद शांत और मनमोहक बनाता है.
यह समुद्र तट खासतौर पर स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग के लिए जाना जाता है. यहां का उथला और पारदर्शी पानी रंग-बिरंगे कोरल रीफ और समुद्री जीवों को नजदीक से देखने का शानदार अवसर देता है. पहली बार डाइविंग करने वालों के लिए भी एलीफेंट बीच एक सुरक्षित और आदर्श स्थान माना जाता है. इसके अलावा, सी वॉकिंग, जेट स्की, बनाना राइड और ग्लास बॉटम बोट जैसी गतिविधियां भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं.
एलीफेंट बीच तक पहुंचने के दो मुख्य रास्ते हैं- एक हैवलॉक से नाव (बोट) द्वारा और दूसरा जंगल ट्रेक के जरिए. बोट यात्रा तेज और आरामदायक होती है, जबकि ट्रेक रोमांच पसंद करने वालों के लिए यादगार अनुभव प्रदान करता है. समुद्र किनारे फैली सफेद रेत और शांत लहरें यहां समय बिताने को और भी सुखद बना देती हैं.
एलीफेंट बीच उन यात्रियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जो प्रकृति की गोद में सुकून के साथ-साथ रोमांच का आनंद लेना चाहते हैं. अंडमान यात्रा एलीफेंट बीच देखे बिना अधूरी मानी जाती है.
ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच सरकार ने इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री ताकत और आर्थिक हितों से जुड़ी रणनीतिक जरूरत बताया है. सूत्रों का कहना है कि प्रोजेक्ट के आलोचक इसकी भौगोलिक और सामरिक अहमियत को समझने में नाकाम रहे हैं.