दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) राज्य सभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं. 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनें. 7 मई 2026 को बिहार कैबिनेट विस्तार हुआ जिसमें दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली.
बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने. 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार की सरकार में दीपक प्रकाश कैबिनेट मंत्री बनाए गए.
फिलहाल दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. उनकी मां स्नेहलता कुशवाहा ने भी बिहार चुनाव में सासाराम सीट से जीत दर्ज की और उन्हें इस बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया. वहीं पिता उपेंद्र कुशवाहा राज्य सभा सांसद हैं. उपेंद्र कुशवाहा पूर्व में केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अब उके बेटे दीपक प्रकाश भी मंत्री बनकर राजनीति में एंट्री की.
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की मंत्री के तौर पर दोबारा नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को सुनेगा. शीर्ष अदालत ने इस बारे में बिहार सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा.. क्या वो अभी भी मंत्री पद पर हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश की दोबारा मंत्री नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर बिहार सरकार, चुनाव आयोग और मंत्री को नोटिस जारी किया है.
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं. दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें 2026 से 2029 तक के कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी गई. पार्टी ने इसे अपने पहले संगठनात्मक चुनावों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है.
बीजेपी के कुछ नेताओं का यह भी तर्क है कि बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कुशवाह समुदाय को पहले ही मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल चुका है. ऐसे में अलग से उपेंद्र कुशवाह को अतिरिक्त राजनीतिक हिस्सेदारी देने की जरूरत नहीं है.
बिहार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद सदस्य नहीं बनाए जाने का मामला गहरा गया है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव से पहले दिया गया पत्र सिर्फ सीट बंटवारे के लिए था और इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया था.
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश बिहार विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. 7 मई को मंत्री पद की शपथ लेने वाले दीपक प्रकाश तभी मंत्री रह पाएंगे, जब वह 6 नवंबर तक किसी न किसी सदन का सदस्य बन जाएं.
बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को टिकट नहीं दिया. उपेंद्र कुशवाहा को पहले ही इस बात का अंदाजा हो गया था.
बिहार विधान परिषद के नामांकन का सोमवार अंतिम दिन है. उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश अगर एमएलसी चुनाव के लिए नहीं उतरते हैं तो फिर उनके मंत्री पद से छुट्टी होना तय है. इसकी वजह यह है कि बिना किसी सदन से मंत्री बने थे.
बिहार में 18 जून को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव से NDA के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। BJP और JDU ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश का नाम सूची में नहीं होने से उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है, जिसमें 32 नए मंत्री बनाए गए हैं. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. निशांत पहले नेता नहीं है, जिन्हें अपने पिता से विरासत में सियासत मिली है. सम्राट कैबिनेट में तीन पूर्व सीएम के बेटे मंत्री बने हैं.
बिहार के सियासी चक्रव्यूह में उपेंद्र कुशवाहा लगातार घिरते जा रहे हैं. एक तरफ आरएलएम के विधायकों के बागी तेवर हैं तो दूसरी तरफ अपनी राज्यसभा सीट को बचाए रखने की चुनौती है. इस तरह उपेंद्र कुशवाहा के सामने ट्रिपल संकट गहरा गया है.
नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में RLM कोटे से मंत्री बनाए गए दीपक प्रकाश का चुनावी सफर जितना छोटा दिखता है, उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. चुनाव आयोग के दस्तावेज बताते हैं कि वे हाल ही में सासाराम सीट पर एक ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार के काउंटिंग एजेंट बने थे, जिसकी जमानत तक जब्त हो गई और अब वे खुद नीतीश सरकार में मंत्री बन गए हैं.
RLM ने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाकर सभी को चौंकाया. MLA/MLC न होते हुए भी उन्हें पद मिला. दीपक प्रकाश राजनीति, युवाओं, रोजगार और शिक्षा पर काम करने की बात कहते हैं.
नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद परिवारवाद का मुद्दा फिर चर्चा में है. आरजेडी ने एक पोस्ट जारी कर एनडीए नेताओं के पारिवारिक राजनीतिक संबंधों के बारे में जानकारी साझा करते हुए और आरोप लगाया कि बिहार की सत्ता संरचना राजनीतिक वंशवाद से भरी हुई है.
बिहार चुनाव से पहले राजनीति में परिवारवाद पर खूब चर्चा होती रही, लेकिन टिकट तो बांटे ही गए, एनडीए की नई सरकार में ऐसे मंत्री भी देखने को मिल रहे हैं. सम्राट चौधरी को छोड़ भी दें, तो दीपक प्रकाश और संतोष कुमार सुमन जैसे विधायकों को मंत्री बनाया है, जो परिवारवाद की राजनीतिक पृष्ठभूमि से ही आते हैं.
Bihar Cabinet: बिहार में नई एनडीए सरकार का गठन हो गया है जिसमें नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में 26 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की, जिनमें बीजेपी के 14 और जदयू के 8 मंत्री शामिल हैं. नए मंत्रियों में एक मुस्लिम, तीन महिलाएं और तीन नए विधायक भी शामिल हैं.