चांदनी चौक (Chandni Chowk) दिल्ली के पुराने शहर में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक बाजार है. यह भारत की राजधानी दिल्ली के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में गिना जाता है. चांदनी चौक का इतिहास मुगल काल से जुड़ा हुआ है. इस बाजार की स्थापना मुगल सम्राट शाहजहां के शासनकाल में हुई थी. इसका निर्माण वर्ष 1650 में शाहजहां द्वारा बसाई गई नई राजधानी शाहजहानाबाद के हिस्से के रूप में किया गया था. चांदनी चौक का डिजाइन शाहजहां की बेटी जहांआरा बेगम ने तैयार किया था.
चांदनी चौक नाम का अर्थ चांदनी से रोशन चौक या चांदनी वाला बाजार माना जाता है. पुराने समय में इस बाजार के बीच से एक जलधारा गुजरती थी. यह जलधारा यमुना नदी से जुड़ी हुई थी. इसके पानी में रात के समय चांद की रोशनी प्रतिबिंबित होती थी. इसी कारण इस स्थान का नाम चांदनी चौक पड़ा. बाजार के दोनों ओर दुकानें और रास्ते बनाए गए थे. शुरुआती दौर में यहां लगभग 1560 दुकानें थीं. बाजार की बनावट अर्धचंद्राकार थी.
चांदनी चौक को मूल रूप से तीन अलग-अलग बाजारों में विभाजित किया गया था. मुगल शासन के दौरान यह स्थान व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था. यहां चांदी के व्यापार का विशेष महत्व था. इसी वजह से इसे सिल्वर स्ट्रीट यानी चांदी की सड़क के नाम से भी जाना जाता था. मुगल शासकों के शाही जुलूस भी इसी मार्ग से होकर गुजरते थे. इस बाजार का संबंध शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से रहा है.
समय के साथ चांदनी चौक की मूल संरचना में कई बदलाव हुए. वर्ष 1857 के विद्रोह के बाद दिल्ली पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव बढ़ा. इस दौरान बाजार के बीच से गुजरने वाली जलधारा को बंद कर दिया गया. वर्ष 1863 में यहां दिल्ली टाउन हॉल का निर्माण कराया गया. इसके बाद वर्ष 1870 के दशक में बाजार के केंद्रीय हिस्से में स्थित पानी के तालाब की जगह घंटाघर बनाया गया. आज भी इस इलाके के केंद्रीय भाग को घंटाघर के नाम से जाना जाता है.
वर्तमान समय में चांदनी चौक दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल है. यहां कपड़े, आभूषण, मसाले, घरेलू सामान और विभिन्न प्रकार के व्यापारिक उत्पादों की दुकानें स्थित हैं. यह बाजार लाल किले के पूर्वी क्षेत्र के निकट फैला हुआ है. चांदनी चौक का व्यापारिक स्वरूप समय के साथ विकसित हुआ है. इसके बावजूद यह क्षेत्र आज भी दिल्ली के ऐतिहासिक नगर शाहजहानाबाद की पहचान से जुड़ा हुआ है. चांदनी चौक दिल्ली के इतिहास, व्यापार और शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
दिल्ली के चांदनी चौक इलाके के चावड़ी बाजार में गुरुवार को एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का हिस्सा ढह गया. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल है. मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के बीच एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने सरकार और एमसीडी पर गंभीर सवाल उठाए हैं.