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चामुंडेश्वरी मंदिर

चामुंडेश्वरी मंदिर

चामुंडेश्वरी मंदिर

चामुंडेश्वरी मंदिर (Chamundeshwari Temple), मैसूर कर्नाटक राज्य के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र शक्तिपीठों में से एक है. यह मंदिर मैसूर शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर चामुंडी पहाड़ियों (Chamundi Hills) की चोटी पर स्थित है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1,060 मीटर है, जिससे यहां से मैसूर शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है.

चामुंडेश्वरी देवी को देवी दुर्गा का उग्र रूप माना जाता है, जिन्होंने असुर महिषासुर का वध किया था. इसी कारण मैसूर का प्राचीन नाम महिषूरु (महिषासुर का नगर) पड़ा. मंदिर के पास महिषासुर की विशाल प्रतिमा भी स्थापित है, जो इस पौराणिक कथा की याद दिलाती है.

मंदिर का इतिहास लगभग 12वीं शताब्दी से जुड़ा है, हालांकि वर्तमान संरचना का निर्माण और विस्तार वाडियार राजवंश के शासनकाल में हुआ. विशेष रूप से राजा कृष्णराज वाडियार तृतीय ने मंदिर के जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण योगदान दिया. मंदिर की वास्तुकला द्रविड़ शैली में बनी है, जिसमें ऊंचा गोपुरम, सुंदर नक्काशी और भव्य शिल्पकला देखने को मिलती है.

मंदिर में स्थापित देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति सोने से मढ़ी हुई है और देवी के गले में रत्नजड़ित हार है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है. यहां प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं. नवरात्रि और दशहरा के समय मंदिर का विशेष महत्व होता है. मैसूर दशहरा उत्सव के दौरान देवी चामुंडेश्वरी की भव्य पूजा की जाती है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से भर जाता है.

चामुंडेश्वरी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम भी है. यही कारण है कि यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए अत्यंत आकर्षक स्थल माना जाता है.

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