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बोलीविया

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बोलीविया

बोलीविया (Bolivia) दक्षिण अमेरिका के मध्य भाग में स्थित एक स्थलरुद्ध (Landlocked) देश है. इसका आधिकारिक नाम बहुराष्ट्रीय राज्य बोलीविया है. देश की सीमाएं ब्राजील, पैराग्वे, अर्जेंटीना, चिली और पेरू से मिलती हैं. बोलीविया का क्षेत्रफल करीब 10 लाख 98 हजार वर्ग किलोमीटर है. क्षेत्रफल के आधार पर यह दक्षिण अमेरिका के बड़े देशों में शामिल है.

बोलीविया की भौगोलिक स्थिति काफी विविध है. देश के पश्चिमी हिस्से में एंडीज पर्वत श्रृंखला का विस्तार है, जबकि पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में उष्णकटिबंधीय मैदानी क्षेत्र पाए जाते हैं. यहां अल्टिप्लानो का ऊंचा पठार, बर्फ से ढ़की पर्वत चोटियां, पर्वतीय घाटियां, अमेजन का विस्तृत मैदान और ग्रान चाको क्षेत्र शामिल हैं. देश के पूर्वी हिस्से में पंतानाल आर्द्रभूमि का भी कुछ भाग आता है.

बोलीविया की राजधानी से जुड़ी व्यवस्था दो प्रमुख शहरों में विभाजित है. 'ला पाज' सरकार का प्रशासनिक केंद्र है, जहां कार्यपालिका, विधायिका और निर्वाचन से जुडे प्रमुख संस्थान स्थित हैं. 'सुक्रे' देश की संवैधानिक राजधानी है और यहां न्यायपालिका का मुख्य केंद्र है. सांता क्रूज दे ला सिएरा देश का सबसे बड़ा शहर और प्रमुख औद्योगिक केंद्र है.

बोलीविया नौ विभागों में विभाजित एक एकात्मक गणराज्य है. यहां की आबादी विभिन्न समुदायों से मिलकर बनी है. स्पेनिश सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. इसके अलावा देश की कई स्वदेशी भाषाओं को भी आधिकारिक दर्जा प्राप्त है. इनमें आयमारा, क्वेचुआ और गुआरानी प्रमुख हैं.

बोलीविया का इतिहास प्राचीन सभ्यताओं और साम्राज्यों से जुड़ा रहा है. स्पेनिश शासन से पहले इसके पश्चिमी हिस्से का बड़ा भाग तिवानाकु संस्कृति के प्रभाव में था. बाद में इंका साम्राज्य ने पश्चिमी क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया. 16वीं शताब्दी में स्पेनिश विजेताओं ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया. औपनिवेशिक दौर में पोटोसी की चांदी की खदानें आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रहीं.

25 मई 1809 को सुक्रे में विद्रोह के बाद स्वतंत्रता का संघर्ष तेज हुआ. लंबे संघर्ष के बाद 1825 में बोलीविया स्वतंत्र गणराज्य बना और इसका नाम सिमोन बोलिवर के नाम पर रखा गया. 19वीं और 20वीं शताब्दी में देश को क्षेत्रीय संघर्षों और राजनीतिक बदलावों का सामना करना पड़ा.

1952 की राष्ट्रीय क्रांति के बाद सार्वभौमिक मताधिकार लागू किया गया और टिन खनन उद्योग का राष्ट्रीयकरण हुआ. इसके बाद देश में सैन्य और नागरिक शासन का दौर चलता रहा. 1982 में अंतिम सैन्य शासक के पद छोड़ने के बाद नागरिक शासन की वापसी हुई.

बोलीविया की अर्थव्यवस्था में कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन, खनन और उद्योग की भूमिका है. देश में टिन, चांदी, लिथियम और तांबा जैसे खनिज पाए जाते हैं. सोयाबीन, मक्का और अन्य कृषि उत्पाद भी अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं. बोलीविया दक्षिण अमेरिका के उन देशों में शामिल है जिनकी अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों का महत्वपूर्ण स्थान है.
 

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