बिलासपुर (Bilaspur) उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का एक कस्बा और तहसील मुख्यालय है. यह भाखड़ा नदी के किनारे स्थित है और प्रशासनिक तथा कृषि गतिविधियों के लिए जाना जाता है. यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-87 (NH-87) पर स्थित है, जिससे इसकी सड़क संपर्क व्यवस्था बेहतर बनी रहती है. बिलासपुर, रामपुर शहर से लगभग 30 किलोमीटर और उत्तराखंड के रुद्रपुर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
बिलासपुर की पहचान मुख्य रूप से कृषि आधारित क्षेत्र के रूप में है. यहां बड़ी संख्या में लोग खेती और उससे जुड़े कार्यों से अपनी आजीविका चलाते हैं. इसके अलावा स्थानीय व्यापार भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. हाल के वर्षों में यहां कुछ नए उद्योग भी स्थापित हुए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं.
इस क्षेत्र में धान, गेहूं, मटर, गन्ना और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती की जाती है. इसके साथ ही आम, अमरूद और पपीते जैसे फलों का उत्पादन भी यहां होता है. कृषि गतिविधियां स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
बिलासपुर की आबादी में विभिन्न समुदायों के लोग निवास करते हैं. यहां मुस्लिम, गंगवार, लोधी, सिख, कायस्थ, खत्री, जाटव, बनिया तथा अन्य समाजों के लोग रहते हैं. अलग-अलग समुदायों की मौजूदगी इस क्षेत्र की सामाजिक संरचना का हिस्सा है. यहां हिंदी प्रमुख भाषा है, जबकि स्थानीय स्तर पर अन्य भाषाएं और बोलियां भी सुनने को मिलती हैं.
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बिलासपुर में सरकारी और निजी संस्थान उपलब्ध हैं. दैनिक जरूरतों के लिए स्थानीय बाजार सक्रिय रहते हैं, जहां आसपास के गांवों से भी लोग खरीदारी और व्यापार के लिए आते हैं.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 403 विधानसभा सीटों पर तीन स्तरीय गोपनीय सर्वे शुरू किया है, जिसमें विधायकों के प्रदर्शन और जीत की संभावनाओं को परखा जा रहा है. पार्टी का विशेष ध्यान पूर्वांचल, पश्चिमांचल और अवध की उन 61 सीटों पर है, जहां वह लगातार हार रही है.