अतुल बोरा (Atul Bora) असम के जाने-माने नेता हैं. असम विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए की जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ग्रहण की. हिमंता बिस्वा सरमा सरकार के दूसरे कार्यकाल में अतुल बोरा ने मंत्री पद की शपथ ली.
वे Asom Gana Parishad (AGP) से जुड़े हुए हैं. वह 2016 से असम विधानसभा में बोकाखाट क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इससे पहले वे 1996 से 2001 तक गोलाघाट सीट से विधायक रह चुके हैं.
अतुल बोरा ने असम सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है. 2016 से उन्होंने कृषि, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन और पशु चिकित्सा, शहरी विकास और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे विभागों में मंत्री के रूप में काम किया. उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में अहम भूमिका निभाई.
राजनीति के साथ-साथ अतुल बोरा का अपनी पार्टी में भी मजबूत प्रभाव रहा है. वे 2014 से असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं. इससे पहले 2011 से 2014 तक उन्होंने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया. संगठन को मजबूत बनाने और चुनावी रणनीति तय करने में उनका योगदान अहम माना जाता है.
अतुल बोरा का जन्म 7 अप्रैल 1960 को असम के गोलाघाट जिले के बोराही गांव में हुआ था. वे चुटिया समुदाय से आते हैं. उनके पिता का नाम मेहुराम बोरा और माता का नाम पुन्या प्रभा बोरा है.
उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सराइमोरिया एलपी स्कूल और तोरफट एमई स्कूल से की. इसके बाद कचारीहाट हाई स्कूल से उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की.
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने गोलाघाट के देबराज रॉय कॉलेज में दाखिला लिया. ग्रेजुएशन के बाद वे गुवाहाटी यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की. इसके अलावा उन्होंने वहीं के लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की.
असम में बीजेपी की तीसरी बार सरकार बन चुकी है और हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. हिमंता के साथ चार नेता मंत्री पद की शपथ ली है. कैबिनेट के जरिए सीएम हिमंता का प्लान 'जाति, माटी और भेटी' को जमीन पर उतारने के साथ-साथ सियासी और क्षेत्रीय समीकरण साधने की है.