अरूप रॉय (Arup Roy) पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनेता हैं और तृणमूल कांग्रेसॉ से जुड़े हुए हैं. वह लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हैं और राज्य सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.
अरूप रॉय ने वर्ष 2011 से 2026 तक बंगाल सरकार में सहकारिता (को-ऑपरेशन) विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया. इस दौरान वह राज्य सरकार में सहकारिता विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालते रहे.
विधानसभा चुनावों की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2011 में हावड़ा मध्या सीट से पहली बार विधायक (MLA) का चुनाव जीता. इसके बाद उन्हें 2016, 2021 और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से लगातार जीत मिली. इस तरह वह लगातार चार बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
विधानसभा और मंत्री पद के अलावा अरूप रॉय संगठनात्मक स्तर पर भी सक्रिय हैं. वह तृणमूल कांग्रेस के हावड़ा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. पार्टी संगठन और जिले की राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है.
टीएमसी पर कब्जे की लड़ाई भी अब उसी मोड़ पर पहुंच गई है, जहां असली और नकली कौन का फैसला होकर ही रहेगा. शिवसेना और एनसीपी में बगावत के बाद फैसला चुनाव आयोग से हुआ था, उसी तरह से टीएमसी की लड़ाई भी चुनाव आयोग के दर पर पहुंच गई है. अब देखना है कि असली टीएमसी किसकी होती है?
पश्चिम बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी की टेंशन खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. विधायकों और सांसदों के बागी होने के बाद अब पार्टी भी हाथ से निकलती जा रही है. सोमवार को टीएमसी के बागी विधायकों ने ममता बनर्जी को हटाकर अरूप रॉय को नया अध्यक्ष बना दिया है.