अकबरपुर (Akbarpur) उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले का जिला मुख्यालय और एक प्रमुख नगर है. यह अयोध्या मंडल में स्थित है. अम्बेडकर नगर जिले का गठन 29 सितंबर 1995 को तत्कालीन फैजाबाद जिले से अलग करके किया गया था. जिले का नाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखा गया है.
अकबरपुर तमसा नदी के किनारे बसा है. तमसा को टोंस नदी के नाम से भी जाना जाता है. नदी नगर को अकबरपुर और शाहजादपुर दो हिस्सों में बांटती है. शाहजादपुर क्षेत्र नगर के प्रमुख व्यावसायिक हिस्से के रूप में जाना जाता है. लोरपुर भी अकबरपुर नगर क्षेत्र का हिस्सा है, जहां पुराने लोरपुर राज्य के महल और इमामबाड़े से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान मिलती है.
अकबरपुर के इतिहास का संबंध मुगल काल से भी जोड़ा जाता है. जिला प्रशासन के अनुसार, 1566 ईस्वी में सम्राट अकबर के यहां आने के बाद इस क्षेत्र में बस्ती विकसित हुई. इसी दौर में तमसा नदी को पार करने के लिए शाही पुल बनाए जाने का उल्लेख मिलता है. वर्तमान में पुल के बदले हुए स्वरूप से अकबरपुर और शाहजादपुर क्षेत्र जुड़े हैं.
स्थानीय धार्मिक परंपराओं में श्रवण क्षेत्र का भी उल्लेख मिलता है. रामायण से जुड़ी मान्यता के अनुसार राजा दशरथ ने इसी क्षेत्र में श्रवण कुमार को गलती से बाण मारा था. यहां श्रृंगी ऋषि के आश्रम से जुड़ी मान्यता भी प्रचलित है. श्रवण क्षेत्र में माघ पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेला आयोजित किया जाता है.
अकबरपुर का आर्थिक ढांचा खेती, बिजली करघों, चावल मिलों और अन्य छोटे तथा बड़े उद्योगों से जुड़ा है. जिले में मिझौड़ा के पास अकबरपुर चीनी मिल स्थित है. क्षेत्र में चावल प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयां भी हैं. जिले में बिजली और वितरण ट्रांसफार्मर निर्माण से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियां भी होती हैं.
अकबरपुर राम मनोहर लोहिया की जन्मस्थली के रूप में भी दर्ज है. अम्बेडकर नगर जिले में शिवबाबा, श्रवण क्षेत्र, अशरफपुर किछौछा दरगाह और गोविंद साहब जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं.