अबी अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) 2 अप्रैल 2018 से इथियोपिया के प्रधानमंत्री हैं.1991 में डर्ग शासन के खत्म होने के बाद अबी इथियोपियाई राष्ट्रीय रक्षा बल से जुड़े और धीरे-धीरे सेना में आगे बढ़े. 1998 से 2000 के बीच इरिट्रिया के साथ हुए युद्ध के दौरान उन्होंने सैन्य रेडियो ऑपरेटर के तौर पर भी काम किया. बाद में उन्होंने सुरक्षा और खुफिया से जुड़े सरकारी कामों में जिम्मेदारियां संभालीं. वे इन्फॉर्मेशन नेटवर्क सिक्योरिटी एजेंसी से भी जुड़े रहे.
12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 India) में अबी अहमद अली शामिल होंगे.
उनका जन्म 15 अगस्त 1976 को हुआ था. राजनीति में आने से पहले अबीय का जुड़ाव सेना और सुरक्षा व्यवस्था से रहा. किशोरावस्था में ही उन्होंने उस समय की सरकार के खिलाफ चल रहे विद्रोही आंदोलन में हिस्सा लिया था.
अबी ने राजनीति में सक्रिय भूमिका 2010 के राष्ट्रीय चुनाव के बाद शुरू की. वे इथियोपिया की संसद के सदस्य चुने गए और अगरो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद उनकी राजनीतिक पहचान लगातार मजबूत होती गई. 2018 में उन्हें इथियोपिया का प्रधानमंत्री चुना गया. यह बदलाव ऐसे समय में हुआ जब देश लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक तनाव से गुजर रहा था.
प्रधानमंत्री बनने के बाद अबी ने शुरुआत में कई बड़े राजनीतिक सुधारों का ऐलान किया. सरकार ने हजारों राजनीतिक कैदियों को रिहा किया और कुछ विपक्षी संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाए. पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को खत्म करने की पहल भी उनकी सरकार के बड़े कदमों में शामिल रही. इसी प्रयास के लिए उन्हें 2019 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया.
अबी ने अर्थव्यवस्था में भी बदलाव की कोशिश की. उनकी सरकार ने सरकारी कंपनियों के निजीकरण और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए. 2019 में उन्होंने इथियोपियन पीपुल्स रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट को खत्म कर प्रॉस्पेरिटी पार्टी का गठन किया और इसके नेता बने.
हालांकि अबी अहमद का कार्यकाल विवादों से भी दूर नहीं रहा. 2020 में शुरू हुआ टिग्राय युद्ध करीब दो साल तक चला और इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई तथा भारी विस्थापन हुआ. इसके बाद अम्हारा और ओरोमिया समेत कई इलाकों में भी हिंसा और राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी रही.
मानवाधिकार, मीडिया पर दबाव, इंटरनेट बंद किए जाने और राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई को लेकर भी उनकी सरकार की आलोचना होती रही है. इसलिए अबी अहमद का राजनीतिक सफर सुधारों, शांति प्रयासों और गंभीर आंतरिक संघर्षों, तीनों का मिला-जुला दौर माना जाता है.
BRICS शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक की. दोनों देशों के साथ मजबूत रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और भारत से रक्षा खरीद पर चर्चा हुई. इथियोपिया ने भारतीय खनन कंपनियों और दोनों देशों ने भारतीय उद्योग व निवेश का स्वागत किया, जबकि मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर अवसरों पर बातचीत हुई.