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White House में सिक्योरिटी ब्रीच? ईरान स्ट्राइक के बीच चीफ ऑफ स्टाफ की कलाई पर दिखा रहस्यमयी डिवाइस

अमेरिका के व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में White House की चीफ ऑफ स्टाफ की रिस्ट पर एक ट्रैकर दिखा. फोटो वायरल हुआ और कहा जाने लगा कि ये जासूसी का डिवाइस है. आइए जानते हैं क्या है इसकी सच्चाई.

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सिचुएशन रूम में ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ के हाथ में दिखा ये डिवाइस (Photo: Marc Caputo/X/Axios)
सिचुएशन रूम में ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ के हाथ में दिखा ये डिवाइस (Photo: Marc Caputo/X/Axios)

ईरान पर यूएस और इज़रायल के अटैक के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. ईरान को लेकर दुनिया भर में हलचल है, उसी बीच व्हाइट हाउस की एक तस्वीर ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया.

तस्वीर व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के हाथ में एक छोटा सा वियरेबल डिवाइस दिखा, जिसे लेकर लोगों ने तुरंत सवाल उठाने शुरू कर दिए. बताया गया कि ये प्रेसिडेंट ऑफिस में बड़ा सिक्योरिटी ब्रीच है.

कई यूजर्स ने दावा किया कि यह स्मार्टवॉच है और अगर ऐसा है तो क्या संवेदनशील मीटिंग के दौरान यह कोई सिक्योरिटी रिस्क बन सकता है. खासकर तब, जब यूएस–इज़रायल की कार्रवाई के बाद ईरान के साथ हालात बेहद नाजुक माने जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने तो इसे सीधे तौर पर संभावित सिक्योरिटी ब्रीच तक बता दिया.

क्या है Whoop?

जिस डिवाइस को लेकर हंगामा मचा, वह ऐपल वॉच या कोई कम्युनिकेशन गैजेट नहीं, बल्कि WHOOP नाम का फिटनेस ट्रैकर है. WHOOP एक हेल्थ मॉनिटरिंग बैंड है जो हार्ट रेट, स्लीप और रिकवरी जैसे डेटा को ट्रैक करता है. इसमें कॉलिंग, मैसेजिंग या रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं नहीं होतीं. मामला इतना बढ़ गया कि Whoop के सीईओ को खुद से बताना पड़़ा कि ये कोई स्पाई डिवाइस नहीं, बल्कि फिटनेस वियरेबल डिवाइस है. 

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WHOOP के CEO ने क्या कहा?

कंपनी के सीईओ विल अहमद ने साफ कहा कि यह एक साधारण फिटनेस ट्रैकर है और इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस तरह के डिवाइस को लेकर पहले से सिक्योरिटी गाइडलाइंस मौजूद हैं और हर वियरेबल को बिना जांच के सेंसिटिव मीटिंग में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

दरअसल टाइमिंग ने इस मामले को बड़ा बना दिया. जब यूएस–इज़रायल की स्ट्राइक, ईरान की प्रतिक्रिया और तेल बाजार में उछाल जैसी बड़ी खबरें चल रही हों, तब व्हाइट हाउस की किसी भी तस्वीर को लोग ज्यादा बारीकी से देखने लगते हैं. इसी माहौल में यह फोटो वायरल हुई और बिना पूरी जानकारी के अटकलों का दौर शुरू हो गया.

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही होगा कि यह कोई जासूसी डिवाइस नहीं बल्कि फिटनेस ट्रैकर था. लेकिन इस पूरे विवाद ने एक बार फिर दिखा दिया कि जियोपॉलिटिक्स और टेक्नोलॉजी जब साथ आ जाते हैं तो छोटी सी चीज भी बड़ी कहानी बन सकती है.

यूएस–इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह एपिसोड भले ही तकनीकी गलतफहमी निकला हो, लेकिन इसने यह जरूर दिखा दिया कि हाई सिक्योरिटी माहौल में हर गैजेट अब शक की नजर से देखा जाएगा.

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