scorecardresearch
 

'मैं बेवकूफ था'- कोर्ट में बोले एलॉन मस्क, करोड़ों देने के बाद अब रखी ये मांग

एलॉन मस्क ने सैम ऑल्टमैन और चैटजीपीटी के बीच एक विवाद चल रहा है, जो अब कोर्ट में जा चुका है. इस मामले में दूसरे दिन की सुनवाई में मस्क ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए और बताया है कि कंपनी ने उनसे झूठ कहा. मस्क ने कहा कि अब मैं खुद को बेवकूफ महसूस करता हूं.

Advertisement
X
Elon Musk ने कोर्ट में कहा अब मैं खुद को बेवकूफ समझता हूं. (Photo: AFP)
Elon Musk ने कोर्ट में कहा अब मैं खुद को बेवकूफ समझता हूं. (Photo: AFP)

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क ने अमेरिका की कोर्ट में कहा है कि चैटजीपीटी मेकर ओपन AI की फाउंडेशन में मदद करना अब उनको पागलपन लगता है. OpenAI में हाई स्टेक्स को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है और बुधवार को मस्क ने गवाही दी.

मस्क का आरोप है कि उनको यह भरोसा दिलाया गया था कि यह संस्था एक नॉन प्रॉफिट संगठन बनी रहेगी. फिर यह आगे चलकर अपने मिशन से मुकर गई. साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक मुनाफा कमाने वाली टेक कंपनी बन चुकी है. 

टेस्ला के सीईओ का ओपनएआई के को-फाउंडर के साथ तीन साल तक विवाद जारी रहा, जिसके बाद उन्होंने स्टार्टअप छोड़ने का ऐलान किया. उन्होंने बताया है कि तब तक चैटजीपीटी के सार्वजनिक लॉन्च हो चुका था और ओपनएआई का कमर्शियल तौर पर बड़ी सफलता दिला दी थी. 

कोर्ट केस से मस्क क्या हासिल करना चाहते हैं?  

कोर्ट केस की मदद से एलॉन मस्क एक बड़ी रकम बतौर जुर्माने की मांग कर रहे हैं. केस से वे ओपनएआई और  माइक्रोसॉफ्ट से 150 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के हर्जाने की मांग कर रहे हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: चीन को कड़ी टक्कर, मेड इन इंडिया स्मार्टफोन्स का जलवा, भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड

OpenAI के वकील ने क्या कहा? 

कोर्ट केस के दौरान ओपनएआई के चीफ वकील विलियम साविट ने बताया है कि मस्क ने यह केस इसलिए फाइल किया है क्योंकि कंपनी ने उनकी बात नहीं मानी है. वकील ने आगे कहा है कि ओपनएआई अभी भी अपने मूल  सिद्धांतों पर कायम है. 

केस से ओपनएआई पर क्या असर पड़ेगा

कैलिफोर्निया कोर्ट में एलॉन मस्क और ओपनएआई के बीच जारी केस से किसको फायदा और किसको नुकसान होगा. दरअसल, यह केस अगर मस्क जीत जाते हैं तो चैटजीपीटी मेकर के राइवल्स को फायदा होगा. वहीं अगर मस्क हार जाते हैं तो ओपनएआई 730 अरब डॉलर वैल्यू के साथ आगे बढ़ती रहेगी.  

एलॉन मस्क ने कोर्ट में कहा है कि सैम ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमेन ने उनको शुरुआत में भरोसा दिलाया था कि ओपनएआई एक नॉन प्रॉफिट कंपनी रहेगी. 

फिर उन्होंने आगे कहा कि वह मूर्ख थे जिसने उन्हें एक स्टार्टअप बनाने के लिए मुफ्त फंडिंग दी. उन्होंने आगे बताया है कि उन्होंने करीब 38 मिलियन डॉलर की लगभग मुफ्त फंडिंग दी, जिसके बाद अब करीब 800 अरब डॉलर वैल्यू वाली कंपनी बन चुकी है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement